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उद्धव सरकार के एजेंडे में 'सेक्युलरिज्म' पर जोर, किसानों का कर्ज माफ होगा
Thu, 28 Nov 2019 05:05 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 28 Nov 2019 05:05 PM IST
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न्यूनतम साझा कार्यक्रम घोषित करते गठबंधन के नेता
- फोटो : ANI
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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण से पहले शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन 'महा विकास अघाड़ी' ने गुरुवार को अपना न्यूनतम साझा कार्यक्रम जारी किया है। इसकी शुरुआत में ही सेक्युलरिज्म पर जोर दिया गया है।
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इसकी प्रस्तावना में लिखा गया हैं, 'इस गठबंधन के साझेदार संविधान के सेक्युलर मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। देश और राज्य के हित के मुद्दों पर खासतौर से देश के धर्म निरपेक्ष तानेबाने को ध्यान में रखते हुए शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस भविष्य में मिलकर एक-दूसरे से सलाह करेंगे और तभी नतीजे पर निकलेंगे।' न्यूनतम साझा कार्यक्रम में किसानों, महिलाओं, बेरोजगारी और शिक्षा में सुधार पर भी जोर दिया गया है।
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Common Minimum Program of 'Maha Vikas Aghadi' (NCP-Congress-Shiv Sena alliance). pic.twitter.com/2qw2ECwRkU
— ANI (@ANI) November 28, 2019
किसान
- बिन मौसम बारिश और बाढ़ से परेशान किसानों को तुरंत मदद दी जाएगी
- किसानों का कर्ज तुरंत माफ किया जाएगा
- फसल बीमा योजना को संशोधित किया जाएगा ताकि फसल गंवाने वाले किसानों को तुरंत राहत दी जाए
- फसल के सही दाम के लिए हम उचित कदम उठाएंगे
बेरोजगारी
- प्रदेश में खाली पड़े सभी पदों को तुरंत भरने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।
- पढ़े—लिखे बेरोजगार युवाओं को फेलोशिप मुहैया कराई जाएगी।
- नौकरी में महाराष्ट्र के लोगों की 80 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाया जाएगा।
महिला
- इस सरकार की पहली प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा होगी।
- आर्थिक रूप से पिछड़ी लड़कियों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी।
- शहरों और जिला मुख्यालयों में नौकरीपेशा महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे।
- आंगनवाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले मानदेय बढ़ाएंगे।
शिक्षा
- राज्य में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
- मजदूरों के बच्चों और आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को शिक्षा के लिए ब्याज मुक्त कर्ज मिलेगा।
शहरी विकास
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की तरह शहरों की सड़कों का भी निर्माण किया जाएगा।
- नगर पंचायतों, नगर निगम और नगर परिषद की सड़कों में सुधार के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी।
- गठबंधन की सरकार मुंबई और बाकी महाराष्ट्र में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को 300 वर्ग फीट की बजाय 500 वर्ग फीट जगह मुफ्त देगी
स्वास्थ्य
- तालुका स्तर पर सभी नागरिकों के लिए एक रुपया क्लीनिक खोले जाएंगे। इसमें हर तरह के टेस्ट भी किए जा सकेंगे।
- सभी जिलों में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे।
- राज्य में सभी को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाएगा।
इंडस्ट्री
- नए उद्योगों और निवेशकों को लुभाने के लिए तमाम तरह की छूट देने की कोशिश की जाएगी। साथ ही अनुमति देने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाएगा।
- आईटी सेक्टर में नए निवेशकों को लुभाने के लिए पॉलिसी में जरूरी सुधार किए जाएंगे।
सामाजिक न्याय
- धांगर, बालुतदार जैसी जातियों समेत अनुसूचित जाति व ओबीसी श्रेणी से जुड़े सभी सवालों को सुलझाया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि इन्हें रोटी, कपड़ा और मकान जैसी आधारभूत सुविधाएं आसानी से मिलें।
- सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए कई योजनाएं लाई जाएंगी। साथ ही इनके लिए संवैधानिक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
पर्यटन, कला व संस्कृति
- प्रदेश में पारंपरिक पर्यटन स्थलों के सामाजिक महत्व को देखते हुए पर्यटन विकास के लिए विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
अन्य विशेष प्रावधान
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाएगी।
- खाने—पीने की चीजों में मिलावट करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
- राज्य में 10 रुपये में भरपेट खाना मुहैया कराया जाएगा।
समन्वय समिति
- गठबंधन में बनी सहमति के मुताबिक दो समन्वय समिति होंगी। एक राज्य कैबिनेट में समन्वय बनाने का काम देखेगी, दूसरी का जिम्मा गठबंधन साझेदारों पर होगा।