फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress MP Shashi Tharoor said that a lot of discussion is still needed in the delimitation matter

Congress: परिसीमन पर जेएसी की बैठक को लेकर शशि थरूर ने दी सलाह, 'इस मामले में ज्यादा बातचीत करने की जरूरत है'

Sat, 22 Mar 2025 07:32 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 22 Mar 2025 07:32 PM IST
सार

परिसीमन मुद्दे पर बढ़ते गर्माहट के बीच आज चेन्नई में संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की पहली बैठक हुई। इस बैठक में इस बैठक में केंद्र सरकार के परिसीमन दृष्टिकोण में पारदर्शिता और स्पष्टता की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

विज्ञापन
Congress MP Shashi Tharoor said that a lot of discussion is still needed in the delimitation matter
कांग्रेस नेता शशि थरूर - फोटो : PTI

विस्तार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को परिसीमन मुद्दे पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। भुवनेश्वर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शशि थरूर ने कहा कि इस मुद्दे पर विभिन्न हितधारकों के बीच बहुत अधिक बातचीत होनी चाहिए और इसके लिए कई महत्वपूर्ण चर्चाओं की जरूरत है।
विज्ञापन


बता दें कि परिसीमन मामले में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की पहली बैठक शनिवार को चेन्नई में हुई। इस बैठक में केंद्र सरकार के परिसीमन दृष्टिकोण में पारदर्शिता और स्पष्टता की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही एक प्रस्ताव पारित किया गया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा शुरू की गई इस बैठक में विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों और कई नेताओं ने भाग लिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Telangana: 'दक्षिण भारत की आवाज कमजोर करने की साजिश', जनसंख्या परिसीमन पर सीएम रेड्डी ने केंद्र पर साधा निशाना
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएमके सांसद कोनिमोझी ने दी जानकारी
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोझी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जेएसी ने परिसीमन प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता की कमी के बारे में गहरी चिंता जताई है, खासकर क्योंकि यह बिना किसी व्यापक परामर्श के किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि परिसीमन का अभ्यास पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि सभी राज्यों के राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों को विचार-विमर्श में शामिल किया जा सके।

ये भी पढ़ें:- Tamil Nadu: परिसीमन पर भाजपा के विरोध का डीके शिवकुमार ने किया स्वागत, अन्नामलाई पर कर दी ये बड़ी टिप्पणी

कोनिमोझी ने संविधान संशोधन के उद्देश्य का किया जिक्र
कनिमोझी ने यह भी कहा कि 42वें, 84वें और 87वें संविधान संशोधन का उद्देश्य उन राज्यों की रक्षा करना था जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया है, और यह मांग की कि 1971 की जनगणना के आधार पर संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों पर रोक को और 25 साल के लिए बढ़ाया जाए। साथ ही बैठत में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घोषणा की कि परिसीमन पर अगली बैठक हैदराबाद, तेलंगाना में होगी। इस बैठक में कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, केरल और ओडिशा जैसे राज्यों के प्रमुख नेताओं ने भी भाग लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed