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बैंक से नहीं मिले पैसे तो आरबीआई गवर्नर के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कांग्रेस विधायक

Sun, 11 Dec 2016 01:16 AM IST
राजीव कुमार/ अमर उजाला, दिल्ली
राजीव कुमार/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 11 Dec 2016 01:16 AM IST
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Congress MLA appeals in court for filing case against RBI Governor
उर्जित पटेल

बैंक ने पैसे नहीं दिए तो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कांग्रेस विधायक थाने पहुंच गए। थानेदार ने मुकदमा दर्ज करने से मना किया तो वह निचली अदालत पहुंच गए।

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मजिस्ट्रेट द्वारा मामला केंद्र सरकार के कर्मी का होने की वजह से केंद्र की मंजूरी की बात कहने पर उक्त विधायक जिला न्यायाधीश के पास पहुंच गए। अब जिला न्यायाधीश को यह फैसला करना है कि आरबीआई गवर्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो या नहीं। मामला राजस्थान के भरतपुर जिले का है। भरतपुर के दिग कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विश्वेंद्र सिंह की याचिका पर 16 दिसंबर को भरतपुर के जिला न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन शर्मा यह फैसला सुनाएंगे कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के खिलाफ मुकदमा दायर हो या नहीं।
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सिंह के वकील श्रीनाथ शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल नोटबंदी के बाद अपने खाते से पैसे निकालने के लिए भरतपुर स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स (ओबीसी) की यूआईटी शाखा में गए थे। वे लाइन में खड़े हुए, लेकिन जब उनकी बारी आई तो बैंक के सहायक प्रबंधक ने कहा कि बैंक में पैसे खत्म हो गए हैं, लिहाजा उन्हें पैसे नहीं मिल सकते हैं। शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल ने अपने खाते से 10,000 रुपये देने की मांग बैंक से की थी।
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शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देश के मुताबिक कोई खाताधारक सप्ताह में 24 हजार रुपये तक निकाल सकता है, लेकिन उनके मुवक्किल को 10 हजार रुपये देने से इनकार कर दिया गया, जो उनके अधिकार का हनन है। लिहाजा उनके मुवक्किल बैंक के सहायक मैनेजर व आरबीआई गवर्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने भरतपुर स्थित थाना मथुरा गेट पहुंच गए। शर्मा के मुताबिक थानेदार ने कहा कि पहले वह मामले की जांच करेंगे, फिर मुकदमा दर्ज करेंगे।


इसके बाद उन्होंने निचली अदालत से मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने की गुजारिश की। मामले की सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने फैसले में  कहा कि चूंकि मामला केंद्र सरकार के कर्मचारी से जुड़ा है, इसलिए मुकदमा दर्ज करने के लिए केंद्र के अभियोजन की स्वीकृति जरूरी है। शर्मा ने बताया कि बैंक के कर्मचारी केंद्र सरकार के अधीन नहीं आते हैं, इसलिए उन्होंने मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिला न्यायाधीश के यहां गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि धारा 166, 406, 409, 420 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज करने की गुजारिश की गई है।

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