Rahul Gandhi: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मौन प्रदर्शन करेंगे कांग्रेसी, कहा- हमारे पास SC का भी विकल्प
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघवी ने उन 66 दिनों का भी जिक्र किया, जिस वक्त कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। उन्होंने बताया कि निचली अदालत के आदेश के खिलाफ 25 अप्रैल 2023 को अपील दायर की गई थी। 29 अप्रैल और दो मई 2023 को मामले की सुनवाई हुई थी।
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राहुल गांधी को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं से अनुरोध किया है कि फैसले के खिलाफ मौन प्रदर्शन करें। कांग्रेस का कहना है कि वे मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मोदी उपनाम मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और उनकी सजा को बरकार रखा।
Congress MP KC Venugopal requests all PCCs to organise a massive one-day 'Maun Satyagraha' (silent protest) in front of Gandhi statues in all state headquarters on July 12 to express solidarity with party leader Rahul Gandhi
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Gujarat High Court today upheld Sessions Court's… pic.twitter.com/ePS81jl3KZ— ANI (@ANI) July 7, 2023
कांग्रेस नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पीसीसी के सभी नेताओं ने अनुरोध किया है कि राहुल गांधी के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए 12 जुलाई को गांधी प्रतिमाओं के सामने एक विशाल मौन सत्याग्रह आयोजित करें। गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकार रखते हुए राहुल गांधी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। फैसले के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह भाजाप की साजिश है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के साथ जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट जिस न्यायशास्त्र पर विचार कर रही है, वह अद्वितीय है। मानहानि कानून मामले में अब तक पारित किसी भी अन्य मामले में कोई समानता नहीं है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी फैसले को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला निराशजनक है। बावजूद इसके हम इसका पालन करेंगे। हमारे पास सर्वोच्च न्यायालय जाने का विकल्प है। राहुल गांधी से पीएम मोदी डरते हैं, इसलिए भाजपा साजिश रच रही है।
#WATCH | "The verdict of the High Court is disappointing but at the same time we will abide by the verdict...there is a scope for us to move Supreme Court...everybody knows that there is a sinister design being played by the ruling dispensation in order to incriminate our leader… pic.twitter.com/FeodA22JMM
— ANI (@ANI) July 7, 2023
भाजपा ने भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघवी ने उन 66 दिनों का भी जिक्र किया, जिस वक्त कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। उन्होंने बताया कि निचली अदालत के आदेश के खिलाफ 25 अप्रैल 2023 को अपील दायर की गई थी। 29 अप्रैल और दो मई 2023 को मामले की सुनवाई हुई थी। दो मई को फैसला सुरक्षित रख लिया गया, जिसे 66 दिनों बाद सात जुलाई को सुनाया गया। कांग्रेस के फैसले पर भाजपा ने भी जमकर निशाना साधा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी तो लोगों का सिर्फ अपमान करते हैं। वे आदतन अपराधी है। कांग्रेस के आरोपों की निंदा करता हूं। राहुल गांधी को कोर्ट ने माफी मांगने का फैसला दिया लेकिन उन्होंने माफी नहीं मांगी, इसलिए उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ा।
कांग्रेसी नेता बोले- हम राहुल के साथ हैं
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी को मामले में अधिकतम सजा दी जा रही है। राहुल गांदी को लोकसभा में बोलने का मौका नहीं दिया जाता। मानहानि मामले में अधिकतम सजा हुई। आवास खाली करने के लिए कहा गया। हम उनके साथ हैं। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बेंगलुरु में विरोध किया। शिवकुमार ने कहा कि यह बीजेपी की एक साजिश है। कोई भी फैसला राहुल गांधी को नहीं कर सकता।