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Demonetisation: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने से पहले कांग्रेस नेता मोइली बोले- नोटबंदी से असमानता बढ़ी
Tue, 04 Oct 2022 04:05 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 04 Oct 2022 04:05 AM IST
सार
मोइली ने एक बयान में कहा कि उस समय वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति का अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने इस विषय पर गहन चर्चा की थी, लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के विरोध के कारण समिति में नोटबंदी पर रिपोर्ट पारित नहीं हो पाई।
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली।
- फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
नोटबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने से पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली ने इसे असमानताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वीरप्पा मोइली ने सोमवार को कहा कि ‘‘गलत समय पर’’ लिए गए इस फैसले से मजदूरों का पलायन हुआ, बेरोजगारी बढ़ी और गरीबों का दुख-दर्द बढ़ गया।
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मोइली ने एक बयान में कहा कि उस समय वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति का अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने इस विषय पर गहन चर्चा की थी, लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के विरोध के कारण समिति में नोटबंदी पर रिपोर्ट पारित नहीं हो पाई। शीर्ष अदालत 2016 में की गई नोटबंदी को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है। मोइली ने देश में ‘बढ़ती असामनता’ एवं ‘रोजगार में कमी’ पर भी चिंता प्रकट की।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने 2022 की विश्व असमानता रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया है कि एक तरफ बढ़ती गरीबी और दूसरी तरफ संपन्न अभिजात वर्ग की आसमान छूती संपत्ति के साथ भारत दुनिया भर में सबसे असमान देशों में से एक है। यह रिपोर्ट मार्च, 2022 में जारी किया गया था, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'त्रुटिपूर्ण' बताते हुए खारिज कर दिया गया था। सीतारमण ने रिपोर्ट बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली का भी वर्णन किया था और इसे सच या गुणवत्ता के संबंध में 'संदेहयुक्त' बताया था।
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