UCC: कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- इन मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे
एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री भारत की विविधता और इसके बहुलवाद को एक समस्या मानते हैं। इसलिए, वह ऐसी बातें कहते हैं... क्या आप यूसीसी के नाम पर देश के बहुलवाद और विविधता को छीन लेंगे?
विस्तार
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर कांग्रेस और एआईएमआईएम ने निशाना साधा। भोपाल में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें पहले देश में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी के बारे में जवाब देना चाहिए। वह कभी भी मणिपुर के मुद्दों पर नहीं बोलते हैं, पूरा राज्य जल रहा है। वह सिर्फ इन सभी मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं।
#WATCH | "He (PM) should first answer about poverty, price rise and unemployment in the country. He never speaks on Manipur issue, the whole state is burning. He is just distracting people from all these issues," says Congress general secretary KC Venugopal on PM Modi's statement… pic.twitter.com/mJx4RiH4sg
— ANI (@ANI) June 27, 2023विज्ञापन
असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के बयान पर साधा निशाना, दी यह सलाह
वहीं, भोपाल में ही एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि "भारत के प्रधानमंत्री भारत की विविधता और इसके बहुलवाद को एक समस्या मानते हैं। इसलिए, वह ऐसी बातें कहते हैं... क्या आप यूसीसी के नाम पर देश के बहुलवाद और विविधता को छीन लेंगे?... जब वह यूसीसी की बात करते हैं, तो वह हिंदू नागरिक संहिता की बात कर रहे हैं...मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि क्या वे हिंदू अविभाजित परिवार को खत्म कर सकते हैं?...जाइए और पंजाब में सिखों को यूसीसी के बारे में बताइए, देखिए वहां क्या प्रतिक्रिया होती है..."
राजद ने भी यूसीसी टिप्पणी पर पीएम मोदी पर किया हमला
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी मंगलवार को मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे मुद्दों को "डॉग व्हिसल की राजनीति" (विरोध भड़काए बिना किसी विशेष समूह से समर्थन हासिल करने के लिए राजनीतिक संदेश) का साधन नहीं बनाना चाहिए। राजद के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा का हमला प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यूसीसी की वकालत की है, लेकिन वोट बैंक की राजनीति करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं।
भाजपा के 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान के तहत मंगलवार को भोपाल में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यूसीसी की बात करते हुए कहा कि भारतीय मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उन्हें भड़काकर उनका फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, हम देख रहे हैं कि समान नागरिक संहिता के नाम पर ऐसे लोगों को भड़काने का काम किया जा रहा है। अगर सदन में एक सदस्य के लिए एक कानून होगा और दूसरे के लिए दूसरा, तो क्या सदन चल पाएगा? तो ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा?'
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद प्रवक्ता झा ने कहा कि प्रधानमंत्री को सुनकर ऐसा लगता है कि वह 'डॉग व्हिसल' बजाने के मौके की तलाश में हैं। झा ने कहा, प्रधानमंत्री को बोलने से पहले 21वें कानून आयोग ने जो कहा था, उसकी जांच करनी चाहिए थी, बिना मदद लिए संविधान सभा की बहसों का गहराई से विश्लेषण करना चाहिए था क्योंकि जो लोग आपकी मदद करना चाहते हैं, वे आपके जरिए ही आपको नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने पूछा, मेरे लिए उन्हें यह बताना महत्वपूर्ण है कि यह कोई बकवास नहीं है कि आप इसे हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा बना दें, इसमें हमारे आदिवासियों की परंपराएं भी शामिल हैं। अन्य मुद्दे भी हैं, हिंदू विवाह संस्कार, इस्लामी विवाह अनुबंध। उनके बारे में क्या किया जाएगा।
तेलंगाना बदलाव के लिए तरस रहा, कांग्रेस की ओर देख रहा: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाने को लेकर मंगलवार को राज्य से संबंधित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करने के बाद खरगे ने कहा कि तेलंगाना के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं और कांग्रेस की ओर देख रहे हैं। कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस बैठक में पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी माणिकराव ठाकरे, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी और कुछ अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
खरगे ने बैठक के बाद एक ट्वीट में कहा, "तेलंगाना के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं। वे कांग्रेस पार्टी की ओर देख रहे हैं।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।सूत्रों का कहना है कि बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को लेकर चर्चा की गई। गौरतलब है कि तेलंगाना में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
खरगे ने कहा, एक साथ मिलकर, हम साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सर्वांगीण सामाजिक कल्याण के आधार पर तेलंगाना के लिए एक उज्जवल भविष्य की शुरुआत करेंगे। इससे पहले वेणुगोपाल ने एक ट्वीट में कहा, तेलंगाना, केसीआर की सामंती सरकार को हराने और बीआरएस और बीजेपी के बीच अपवित्र गठबंधन को कुचलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, तेलंगाना तो बस शुरुआत है। हर गांव, हर कस्बे में लोग कांग्रेस की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। पूरे देश में, जमीन से जुड़े नेता कांग्रेस के पक्ष में इस विशाल लहर को उठा रहे हैं और इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।
इस बैठक से एक दिन पहले ही पूर्व सांसद पी श्रीनिवास रेड्डी और तेलंगाना सरकार के पूर्व मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव समेत प्रदेश के 35 नेताओं ने खरगे और गांधी से मुलाकात कर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी। ये नेता अगले महीने तेलंगाना में औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होंगे। राहुल गांधी आगामी दो जुलाई को तेलंगाना में पार्टी के लिए चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। 119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होगा।