अनुच्छेद 370: जनार्दन द्विवेदी ने किया पीएम मोदी का समर्थन, मिलिंद देवड़ा ने भी उलझाया
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Janardan Dwivedi, Congress on #Article370revoked : My political guru Ram Manohar Lohia ji was always against this Article. A mistake of history has been corrected today, albeit late. pic.twitter.com/BLI7Zf9Hzj
— ANI (@ANI) August 5, 2019विज्ञापन
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया हमेशा अनुच्छेद 370 के खिलाफ थे। आज इतिहास की एक गलती को सुधार लिया गया है, भले ही देर से।"
द्विवेदी ने यह साफ किया कि वह पार्टी की ओर से नहीं बोल रहे हैं, बल्कि यह उनकी निजी राय है। हालांकि द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित विधेयक के बारे कोई संदेह नहीं है कि यह कल (मंगलवार) लोकसभा में पारित हो जाएगा।
#WATCH Janardan Dwivedi, Congress on #Article370revoked : My political guru Ram Manohar Lohia ji was always against this Article. A mistake of history has been corrected today, albeit late. I welcome this. pic.twitter.com/KqBsROImgS
— ANI (@ANI) August 5, 2019
वहीं, कांग्रेस सांसद मिलिंद देवड़ा ने भी अपने बयान से कांग्रेस में चल रही ऊहापोह की स्थिति को सामने ला दिया। मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट कर कहा कि दुर्भाग्य से आर्टिकल 370 के मसले को लिबरल और कट्टर की बहस में उलझाया जा रहा है। पार्टियों को अपने वैचारिक मतभेदों को किनारे कर भारत की संप्रभुता, कश्मीर शांति, युवाओं को रोजगार और कश्मीरी पंडितों के लिए न्याय के लिहाज से सोचना चाहिए।
Very unfortunate that Article 370 is being converted into a liberal vs conservative debate.
— Milind Deora मिलिंद देवरा (@milinddeora) August 5, 2019
Parties should put aside ideological fixations & debate what’s best for India’s sovereignty & federalism, peace in J&K, jobs for Kashmiri youth & justice for Kashmiri Pandits.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति के आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर राज्य में अनुच्छेद 370 को हटा दिया है। गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया। अब लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश रहेंगे।