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मोदी कूटनीति को फोटोनीति समझ रहे हैं: आनंद शर्मा
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Oct 2018 06:00 PM IST
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आनंद शर्मा
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अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि बनने का न्यौता अस्वीकार करने के बाद कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। पार्टी नेता आनंद शर्मा ने इसे मोदी सरकार की फेल कूटनीति करार दिया है। उन्होंने कहा, मोदी सरकार की विदेश नीति में जरा सी भी गंभीरता नहीं है। प्रधानमंत्री कूटनीति को नहीं समझते। दिक्कत यह है कि वे कूटनीति को फोटोनीति समझ रहे हैं। उन्होंने अपने पड़ोसी देशों के साथ सम्बंध खराब कर लिए हैं। यह देश के लिए चिंता का विषय है।
मंगलवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में आनंद शर्मा ने कहा, ट्रम्प ने 26 जनवरी के लिए मोदी का दावतनामा अस्वीकार कर दिया। आजादी के बाद यह पहला मौक़ा है जब किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष ने गणतंत्र दिवस पर हमारा आतिथ्य अस्वीकार किया है। एक तरह से यह मोदी सरकार की कूटनीतिक पराजय है।
शर्मा के मुताबिक, किसी भी विदेशी मेहमान को आमंत्रित करने की एक प्रक्रिया होती है, उसका पालन करने के बाद ही निमंत्रण भेजा जाता है। मोदी सरकार ने यहां पर कई गलतियां की हैं। नतीजा, ट्रम्प ने अपनी व्यस्तता के चलते मुख्य अतिथि बनने से इंकार कर दिया। कांग्रेसी नेता यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने पाकिस्तान के साथ मौजूदा भारतीय विदेश नीति को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। शर्मा ने कहा, पाकिस्तान के साथ जो विदेश नीति है, वह तो डिजास्टर की तरह है।
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विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि ट्रम्प द्वारा गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने से इन्कार करने के बाद अब सरकार किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति या शासनाध्यक्ष की तलाश में जुट गई है। सरकार का प्रयास है कि अब जो भी नेता मुख्य अतिथि बनने का न्यौता स्वीकार करे, वह कम से कम किसी बड़े राष्ट्र का नेतृत्व करने वाला होना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने इस बाबत काम शुरू कर दिया है।
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मंगलवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में आनंद शर्मा ने कहा, ट्रम्प ने 26 जनवरी के लिए मोदी का दावतनामा अस्वीकार कर दिया। आजादी के बाद यह पहला मौक़ा है जब किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष ने गणतंत्र दिवस पर हमारा आतिथ्य अस्वीकार किया है। एक तरह से यह मोदी सरकार की कूटनीतिक पराजय है।
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शर्मा के मुताबिक, किसी भी विदेशी मेहमान को आमंत्रित करने की एक प्रक्रिया होती है, उसका पालन करने के बाद ही निमंत्रण भेजा जाता है। मोदी सरकार ने यहां पर कई गलतियां की हैं। नतीजा, ट्रम्प ने अपनी व्यस्तता के चलते मुख्य अतिथि बनने से इंकार कर दिया। कांग्रेसी नेता यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने पाकिस्तान के साथ मौजूदा भारतीय विदेश नीति को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। शर्मा ने कहा, पाकिस्तान के साथ जो विदेश नीति है, वह तो डिजास्टर की तरह है।
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विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि ट्रम्प द्वारा गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने से इन्कार करने के बाद अब सरकार किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति या शासनाध्यक्ष की तलाश में जुट गई है। सरकार का प्रयास है कि अब जो भी नेता मुख्य अतिथि बनने का न्यौता स्वीकार करे, वह कम से कम किसी बड़े राष्ट्र का नेतृत्व करने वाला होना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने इस बाबत काम शुरू कर दिया है।