IT Tax: सूत्रों ने बताया, नकदी के अधिक इस्तेमाल के कारण कांग्रेस ने खोई आयकर छूट, कानून के तहत की गई कार्रवाई
सूत्रों की मानें तो, मूल्यांकन आदेश के 33 महीने और आयकर आयुक्त के आदेश के 10 महीने बाद भी जब पार्टी ने आदेशों का पालन नहीं किया तो अधिनियम की धारा 226 (3) के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू की गई।
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चुनाव प्रक्रिया में नकदी के अधिक इस्तेमाल के कारण कांग्रेस ने 2018-19 में आयकर छूट खो दी। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस से 135 करोड़ की कर वसूली आयकर अधिनियम, 1961 के नियमों के अनुसार की गई, जो कानून के तहत उचित है। आयकर विभाग द्वारा 2019 में की गई तलाशी अभियान के दौरान, अधिक नकदी के इस्तेमाल का तथ्य सामने आया। इसके बाद आकलन के अनुसार, कांग्रेस के सात वर्षों का खाता खोला गया। 2021 में मूल्यांकन के बाद भुगतान की मांग की गई और इसके लिए कई बार बात भी की गई।
आईटीएटी-दिल्ली उच्च न्यायालय से नहीं मिली कांग्रेस को राहत
सूत्रों की मानें तो, मूल्यांकन आदेश के 33 महीने और आयकर आयुक्त के आदेश के 10 महीने बाद भी जब पार्टी ने आदेशों का पालन नहीं किया तो अधिनियम की धारा 226 (3) के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू की गई। कानून के तहत करीब 135 करोड़ की बकाया राशि की वसूली शुरू की गई क्योंकि स्थगन याचिका आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) और दिल्ली उच्च न्यायालय खारिज कर चुकी थी।
कांग्रेस का भाजपा पर आयकर, ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप
हालांकि, आयकर विभाग की कार्रवाई से कांग्रेस खासी नाराज दिखी। कांग्रेस ने कार्रवाई को कर आतंकवाद करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र को नष्ट करने और संविधान को कमजोर करने के लिए आयकर विभाग, ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि भाजपा प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को परेशान करने के लिए आयकर विभाग को हथियार के रूप में क्यों इस्तेमाल कर रही है। राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए विभाग की कार्रवाई को कर आतंकवाद करार दिया है।