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कांग्रेस के अच्छे दिन नहीं आए हैं : शशि थरूर

Thu, 19 May 2016 03:14 PM IST
बीबीसी/दिव्या आर्य संवाददाता
बीबीसी/दिव्या आर्य संवाददाता Updated Thu, 19 May 2016 03:14 PM IST
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congress in crisis : shashi tharoor
कांग्रेस सांसद शशि थरूर - फोटो : getty images

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और यूपीए सरकार में मंत्री रहे शशि थरूर ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर निराशा जताई। तिरुअनंतपुरम में बीबीसी से खास बात करते हुए शशि थरूर ने कहा, 'कांग्रेस के अच्छे दिन तो नहीं आए हैं लेकिन जब तक ओवर की आखिरी बॉल नहीं पड़ जाती तब तक मैच खत्म नहीं होता।'

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थरूर ने आगे कहा, 'असम में तो हमने 15 वर्ष अच्छी सरकार दी है। हमने हर प्रदेश में यह देखा है कि जनता लंबी सरकारों को बदलने में आगे रहती है। दिल्ली में शीला दीक्षित ने कितनी अच्छी सरकार चलायी थी लेकिन वहां भी चौथी बार में हार गए।' शशि थरूर ने इन चुनाव परिणामों को कांग्रेस की ऐतिहासिक हार मानने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'कुछ महीने पहले भाजपा जब बिहार में हारी तो उसे भी ऐतिहासिक हार कहा गया। इसलिए इसे इस तरह से देखना ठीक नहीं। 
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राजनीति में हार जीत होती रहती है।' थरूर ने फिर दावा किया कि पूरे भारत में अगर कोई भाजपा का विकल्प है तो वह कांग्रेस ही है। केरल में वाम मोर्चे की जीत पर शशि थरूर बोले, 'वहां पिछले 40 वर्षों से कोई सरकार दोबारा चुनकर नहीं आयी है।पता नहीं वहां मतदाता इतने डिमाडिंग हैं। 
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वहां कांग्रेस सरकार ने राज्य का काफी विकास किया था। इसलिए मुझे लग रहा था कि हम दोबारा चुनकर आएंगे। लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हो सका।जहां तक पश्चिम बंगाल की बात है तो वहां हमें पहले ही पता था कि हम सरकार बना पाएंगे। लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान हम इसे कह नहीं सकते थे कि बंगाल में हमारी हार तय है।सो बंगाल के नतीजों को लेकर मुझे कोई हैरानी नहीं हुई है।


वहां 35 वर्ष के वामपंथी शासन के बाद वहां ममता को वहां सिर्फ पांच वर्ष मिले हैं इसलिए वहां सब मान रहे थे कि ममता जी को दोबारा मौका मिलेगा। तमिलनाडु में तो सभी राष्ट्रीय दल हाशिये पर हैं। वहां तो द्रविड़ राजनीति करने वाले दल सत्ता में आते हैं।वहां एआईएडीमके और डीएमके के बीच जंग होती है। हमने वहां डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हमें उम्मीद थी कि इस बार हम डीएमके गठबंधन सरकार बनाएगा। इन परिणामों से मुझे हैरानी हो रही है।'

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