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Congress: आने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस ने तैयार किया 'मिशन ए-1', आठ दिन बाद शुरू होगा यह महाअभियान

Wed, 14 Aug 2024 06:49 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 14 Aug 2024 06:49 PM IST
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सार
कांग्रेस 'मिशन ए-1' के तहत पूरे देश में एक आंदोलन शुरू करने जा रही है। इस आंदोलन में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पूरे देश में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर न सिर्फ अदाणी समूह से जुड़े महा घोटाले की जांच की मांग करेंगे।
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Congress has prepared 'Mission A-1', wiil be launched Before the upcoming elections
चुनाव से पहले कांग्रेस ने तैयार किया 'मिशन ए-1' - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आने वाले विधानसभा के चुनावों से पहले कांग्रेस ने अब सियासी तौर पर एक बड़ी योजना बनाई है। इस योजना के तहत कांग्रेस 'मिशन ए-1' के तहत पूरे देश में एक आंदोलन शुरू करने जा रही है। इस आंदोलन में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पूरे देश में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आधार पर न सिर्फ अदाणी समूह से जुड़े महा घोटाले की जांच की मांग करेंगे। इसके साथ सियासी तौर पर जातिगत जनगणना की मांग के लिए बड़ा आंदोलन भी शुरू कर रहे हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों के मुताबिक केंद्र सरकार को घेरने के लिए देश के सभी अलग-अलग राज्यों में करीब एक हजार छोटे और बड़े आंदोलन करने की योजना बनाई है। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि केंद्र सरकार जब तक सेबी चीफ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई नहीं करेगी और जातिगत जनगणना के लिए हामी नहीं भरेगी तब तक ये आंदोलन चलते रहेंगे। फिलहाल 8 दिन बाद यानी 22 अगस्त के लिए कांग्रेस के इस बड़े आंदोलन की रूपरेखा को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा कर सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए गए।


इन मुद्दों के साथ विधानसभा चुनावों में उतरेगी कांग्रेस
आने वाले विधानसभा के चुनावों से पहले कांग्रेस के पास एक बड़ा मुद्दा हाथ लगा है। यह मुद्दा हिंडनबर्ग रिसर्च की उस रिपोर्ट के आधार पर बड़ा बना है, जिसमें अदानी को घेरा गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि केंद्र सरकार की शह पर सेबी की चीफ माधवी पुरी बुच को बचाया जा रहा है। वह कहते हैं कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक 22 अगस्त से कांग्रेस मिशन ए-1 (अडानी) के मुद्दे को लेकर पूरे देश के अलग-अलग राज्यों की राजधानी और जिलों से लेकर शहर और कस्बों में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर चुकी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल कहते हैं कि इस मुद्दे पर शुरू होने वाला आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार इस मामले में कोई कड़ा फैसला नहीं लेगी।


22 अगस्त को कांग्रेस पार्टी का आंदोलन
वहीं कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों ने 22 अगस्त को होने वाले इस आंदोलन के साथ पार्टी ने कुछ और बड़े मुद्दों को भी इसमें शामिल किया है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि बुधवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में तय हुआ कि जातिगत जनगणना को लेकर अब बड़े स्तर पर जन आंदोलन को शुरू करने की तैयारी की जाए। उस बैठक में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बताते हैं कि जातिगत जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस पूरे देश में लोगों के दरवाजे-दरवाजे दरवाजे जाकर इस मांग के लिए जन आंदोलन की राह तैयार करेगी। पार्टी के नेताओं का मानना है कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर उस वर्ग के लोग एकजुट होंगे, जो लगातार जातिगत जनगणना की मांग करते आए हैं। फिलहाल पार्टी ने इस मामले पर आगे की रणनीति बनाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को जन आंदोलन के दिशा निर्देश का पूरा पूरा प्रोफार्मा तैयार कर लिया है। योजना के मुताबिक 22 अगस्त को शुरू होने वाले बड़े आंदोलन के साथ इसको भी आगे बढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा।

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर आंदोलन को बढ़ाएगी कांग्रेस
दरअसल सोमवार को आयोजित हुई कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी कि जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बड़े आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए। कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक शुरुआती दौर में इस मुद्दे को अलग-अलग राज्यों में शुरू किए जाने पर बात हुई है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल बताते हैं कि इस मुद्दे पर देश के सभी राज्यों में बड़े जन आंदोलन के तौर पर लगातार चलने वाला एक अभियान आगे बढ़ेगा। उनका कहना है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर लगातार पीछे हट रही है। जबकि देश में इस वक्त जातिगत जनगणना की जरूरत है। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि अगले कुछ महीनो में शुरू होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इसको व्यापक स्तर पर पूरे देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंचाना है।

कांग्रेस के लिए बूस्टर साबित हो सकता है आंदोलन
वहीं कांग्रेस की ओर से शुरू किए जाने वाले इस आंदोलन पर सियासी जानकारों का भी मानना है कि यह चुनावी नजरिए से कांग्रेस के लिए बूस्टर साबित हो सकता है। राजनीति विश्लेषक प्रेम कुमार वर्मा कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से पीडीए के सहारे समाजवादी पार्टी ने मजबूत वापसी की है। कांग्रेस भी इस तरह खुद को जातिगत जनगणना के बड़े प्लेटफार्म के माध्यम से आगे लाने की तैयारी कर रही है। वर्मा कहते हैं कि अगर कांग्रेस सधे हुए तरीके से इसको मुद्दा बनती है, तो आने वाले चुनाव में उसको एक तरह से इस अभियान का बूस्टर मिल सकता है। हालांकि उनका कहना है जातिगत जनगणना के मुद्दे पर जन आंदोलन चलाकर सिर्फ कांग्रेस को ही फायदा होगा यह कहना ठीक नहीं है। क्योंकि इस मुद्दे पर लगातार अलग-अलग राजनीतिक दल मांग भी करते आए हैं और आंदोलन भी कर रहे हैं। क्योंकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 2019 के चुनावों की तुलना में ज्यादा सीटें मिली हैं। इसके साथ विपक्षी दलों का प्रमुख गठबंधन INDIA ब्लॉक भी जाति का जनगणना की मांग कर रहा है। तो सियासी नजरिए से यह मुद्दा इस पूरे ब्लॉक के लिए बड़ा फायदेमंद दिख रहा है।

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