{"_id":"636dc6731a6dfd04e15d9fd7","slug":"congress-hanumantha-rao-demands-caste-wise-census-in-telangana","type":"story","status":"publish","title_hn":"Caste-Census: अब इस राज्य में उठी जातिवार जनगणना की मांग, कांग्रेस नेता ने दी पीएम मोदी के विरोध की चेतावनी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Caste-Census: अब इस राज्य में उठी जातिवार जनगणना की मांग, कांग्रेस नेता ने दी पीएम मोदी के विरोध की चेतावनी
Fri, 11 Nov 2022 09:29 AM IST
संजीव कुमार झा
एएनआई, हैदराबाद
एएनआई, हैदराबाद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 11 Nov 2022 09:29 AM IST
सार
देश में कई नेताओं की मांग है कि जब देश में जनगणना की जाए तो इस दौरान लोगों से उनकी जाति की भी जानकारी ली जाए। इससे हमें देश की आबादी के बारे में तो पता चलेगा ही, साथ ही इस बात की जानकारी भी मिलेगी कि देश में कौन सी जाति के कितने लोग रहते है।
विज्ञापन
हनुमंत राव
- फोटो : PTI
विस्तार
बिहार के बाद अब तेलंगाना में भी जातिवार जनगणना की मांग तेज होने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेलंगाना दौरे से पहले, कांग्रेस नेता वी हनुमंत राव ने गुरुवार को तेलंगाना में जातिवार जनगणना की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी और कहा कि पार्टी इसके लिए हर मोर्चे पर लड़ेगी। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी में वृद्धि हुई है, और विभिन्न राज्यों में सरकारों के प्रमुखों द्वारा उठाई गई जाति-वार जनगणना की मांगों को दोहराया।
विज्ञापन
राव ने नीतीश कुमार का उदाहरण दिया
राव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाहरण दिया जो कई महीनों से जातिवार जनगणना की मांग को लेकर मुखर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने भी 2008 में कहा था कि जातिवार जनगणना होनी चाहिए।
विज्ञापन
पीएम मोदी ने आठ साल में ओबीसी के लिए क्या किया: हनुमंत राव
राव ने कहा कि मोदी पहले ओबीसी पीएम हैं और हम बहुत खुश थे। लेकिन आठ साल में उन्होंने ओबीसी के लिए क्या किया? मैं कभी ओबीसी का संयोजक था। जातिवार जनगणना होनी चाहिए। हमारी जनसंख्या का प्रतिशत बढ़ा है। नीतीश कुमार भी यही कह रहे हैं और हर राज्य में कहा जा रहा है कि जाति के हिसाब से जनगणना की जाए। ऐसे लोग हैं जिनके पास खाने के लिए खाना नहीं है, अगर आप आरक्षण नहीं बढ़ाते हैं तो कैसे होगा? केंद्र सरकार में ओबीसी मंत्रालय नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री ओबीसी के लिए कुछ नहीं करते, जहां सबसे ज्यादा आबादी ओबीसी है।
विज्ञापन