सत्ता का सेमीफाइनल : मध्यप्रदेश ने कहा- पधारो कमलनाथ, माफ करो शिवराज
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों के परिणाम आने के बाद 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है। वहीं 109 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि वह भी निर्दलीय तथा अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की मंशा रखती है।
सभी 230 सीटों पर परिणाम आने के बाद कांग्रेस को 114, भाजपा के 109, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को दो, समाजवादी पार्टी को एक और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार सीटें मिली हैं। प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं।
चूंकि किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में सत्ता की कुंजी बसपा, सपा और चार निर्दलीय विधायकों के पास है। दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से जिसे भी इनका समर्थन मिलेगा, सत्ता का ताज उन्हीं के सिर पर सजेगा।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार रात को ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर सरकार बनाने दावा पेश किया था। इसके लिये उन्होंने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा था और कहा कि उनके दल के पास सरकार बनाने का पर्याप्त आंकड़ा है और उन्हें अन्य दलों और निर्दलीयों का समर्थन हासिल है।
बुधवार तड़के संवाददाताओं से बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि सरकार बनाने के लिये हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है। बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और यहां तक की निर्दलीय भी हमारे साथ हैं। हमने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और हम उन्हें हमारे बहुमत के बारे में बताकर सरकार बनाने की अनुमति देने का आग्रह करेगें। उन्होंने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुधवार शाम को बुलाई गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभी तक पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
शिवराज सरकार के 13 मंत्रियों की हार
इस बीच भाजपा का कहना है कि कांग्रेस को सरकार बनाने के लायक जनादेश नहीं मिला है। पार्टी का दावा है कि अन्य दल और निर्दलीय उसके संपर्क में हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने मंगलवार देर रात को ट्वीट किया, ‘‘प्रदेश में कांग्रेस को जनादेश नहीं है। कई निर्दलीय और अन्य भाजपा के संपर्क में हैं। कल राज्यपाल महोदया से मिलेंगे।’’
प्रदेश में कांग्रेस को जनादेश नहीं है ।
— Rakesh Singh (@MPRakeshSingh) December 11, 2018
कई निर्दलीय और अन्य भाजपा के संपर्क में हैं।
कल राज्यपाल महोदया से मिलेंगे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री और सत्तारुढ़ भाजपा की ओर से चौथी दफा मुख्यमंत्री पर के दावेदार शिवराज सिंह चौहान अपनी परम्परागत सीट बुधनी से 58,999 मतों के भारी अंतर से चुनाव जीत गये हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव को पराजित किया।
कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अर्जुन सिंह के पुत्र और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह अपनी परम्परागत सीट चुरहट से चुनाव हार गये हैं।
वहीं, कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में अपने किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं। दोनों नेता फिलहाल क्रमश: छिंदवाड़ा और गुना से लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस विधानसभा चुनाव में मैदान में नहीं उतरे थे।
सरकार के 13 मंत्री चुनाव हार गए हैं। वित्त मंत्री जयंत मलैया, मंत्री उमाशंकर गुप्ता, जयभान सिंह पवैया, अर्चना चिटनिस, रुस्तम सिंह, नारायण सिंह कुशवाह, ओमप्रकाश धुर्वे, अंतर सिंह आर्य, लाल सिंह आर्य, ललिता यादव, दीपक जोशी, शरद जैन, बालकृष्ण पाटीदार चुनाव हार गए हैं। वहीं कांग्रेस के दो बड़े नाम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और सुरेश पचौरी चुनाव हार गए हैं।
चार निर्दलीय बने किंगमेकर
कांग्रेस विधायकों को बाहर भेजने की तैयारी
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस कोई जोखिम लेना नहीं चाहती। इसलिए उसने अपने विधायकों को बुधवार को भोपाल बुलाया है। शाम 4 बजे बैठक के बाद कांग्रेस विधायकों को कहीं बाहर भेजने की तैयारी भी की जा रही है। ताकि भाजपा के रणनीतिकारों को कोई मौका न मिले। इस बीच कमलनाथ ने निर्दलीय विधायकों से संपर्क साध कर उन्हें भोपाल आने का न्योता दिया है। कांग्रेस नेतृत्व मायावती से भी संपर्क कर रहा है। सपा ने कांग्रेस को पहले ही समर्थन का एलान किया है।
चार निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं। ये हैं सुसनेर से विक्रम सिंह राणा, बुरहानपुर से सुरेंद्र सिंह शेरा, भगवानपुरा से केदार डावर और बारासिवनी से प्रदीप जायसवाल गुड्डा। इनमें से तीन कांग्रेस के ही बागी हैं। कांग्रेस ने बारासिवनी में शिवराज सिंह चौहान के साले संजय मसानी को जायसवाल का टिकट काटकर उम्मीदवार बनाया था।