कांग्रेस ने फोर्स इंडिया की बिक्री और आईएल एंड एफएस संकट पर केंद्र को घेरा
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कांग्रेस ने भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या की फार्मूला वन रेसिंग टीम फोर्स इंडिया की बिक्री और कर्ज से परेशान आईएल एंड एफएस को एलआईसी की ओर से कथित आर्थिक सहायता के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि करीबी उद्यमियों को धन की लूट छूट और उनके कर्ज को बट्टे खाते में डालना मोदीनॉमिक्स की पहचान बन गई है।
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सुरजेवाला ने कहा कि फोर्स इंडिया की बिक्री में देश की 13 बैंकों को घाटा उठाना पड़ा। एक व्यक्ति चार करोड़ पाउंड (380 करोड़ रुपये) भुगतान करना चाहता है। बैंकों ने यह पैसा लेने से इनकार क्यों किया? दरअसल, फोर्स इंडिया के लिए बोली लगाने वाली रूस के उरलकाली समूह ने दावा किया है कि बिक्री की गलत प्रक्रिया के कारण भारतीय बैंकों को चार करोड़ पाउंड का नुकसान हुआ है।
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कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि माल्या के ब्रिटेन भागने की कहानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ही लिखी थी। माल्या 13 बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये लेकर भागने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। वहीं, आईएल एंड एफएस पर केंद्र को घेरते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी तब 2014 में कंपनी पर 30,000 करोड़ कर्ज था, जो अब बढ़कर 91,000 करोड़ हो गया है।
क्या यह एक घोटाला नहीं है?
सुरजेवाला ने कहा कि आईएल एंड एफएस की 282 अन्य कंपनियां हैं, इनमें लगाई गए पूंजी भारत सरकार और देश के लोगों की है। सवाल उठता है कि अगर कोई निजी कंपनी डूब रही है तो 15 करोड़ एलआईसी पॉलिसीधारकों और एसबीआई के खाताधारकों का पैसा ऐसी कंपनी को क्यों दिया जा रहा है। क्या यह एक घोटाला नहीं है?