कांग्रेस का दावा, मोदी सरकार ने नीरव-चोकसी जैसे 50 घोटालेबाजों का कर्ज माफ किया
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने बैंक कर्ज नहीं चुकाने वालों के 68,607 करोड़ रुपये माफ किए हैं। कांग्रेस ने यह आरोप एक आरटीआई के आधार पर लगाया है और प्रधानमंत्री से इसका जवाब मांगा है।
विस्तार
कांग्रेस का दावा है कि 14 अप्रैल को एक आरटीआई के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के 50 सबसे बड़े बैंक घोटाला करने वाले लोगों का 68,607 करोड़ रुपये माफ करने की बात स्वीकार की है। इस सूची में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसों के नाम भी शामिल हैं।
वहीं, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। राहुल ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले संसद में उनके सवाल का जवाब न देकर इसी सच को छिपाया गया था। उन्होंने ट्वीट किया, 'संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए। वित्त मंत्री ने जवाब नहीं दिया।'
संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 28, 2020
वित्तमंत्री ने जवाब देने से मना कर दिया।
अब RBI ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के ‘मित्रों’ के नाम बैंक चोरों की लिस्ट में डाले हैं।
इसीलिए संसद में इस सच को छुपाया गया। pic.twitter.com/xVAkxrxyVM
उन्होंने दावा किया कि अब रिजर्व बैंक ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के ‘मित्रों’ के नाम बैंक चोरों की लिस्ट में डाले हैं। इसीलिए संसद में इस सच को छिपाया गया।’ गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने कर्ज अदा नहीं करने वाले 50 सबसे बड़े चूककर्ताओं के नाम पूछे थे। इस पर सरकार ने कहा था कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की वेबसाइट पर सारे नाम दिए जाते हैं और ये नाम वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
मोदी सरकार की 'जनधन गबन योजना' का पर्दाफाश हुआ : सुरजेवाला
वहीं, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि बड़े पूंजीपतियों का कर्ज बट्टे खाते में डालने से कोरोना वायरस महामारी के समय नरेंद्र मोदी सरकार की ‘जनधन गबन’ योजना का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से आरोप लगाया, ‘बैंक लुटेरों की ‘पैसा लूटो-विदेश जाओ-लोन माफ कराओ’ ट्रैवल एजेंसी का पर्दाफाश हो गया है। ‘भगोड़ों का साथ-भगोड़ों का लोन माफ’ भाजपा सरकार का मूलमंत्र बन गया है।’
उन्होंने कहा, ‘16 मार्च, 2020 को संसद में राहुल गांधी ने देश के सबसे बड़े 50 बैंक घोटालेबाजों के नाम मोदी सरकार से पूछे। वित्त मंत्री और सरकार ने षड्यंत्रकारी चुप्पी साधकर ये नाम जगजाहिर नहीं किए।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पूरा देश कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। रोजी रोटी की मार के चलते देश के करोड़ों मजदूरों को शहरों से गांव लौटना पड़ा है। सीएमआईई के मुताबिक, 14 करोड़ से अधिक लोग रोजगार से हाथ धो बैठे हैं।’
सुरजेवाला ने कहा, ‘1.13 करोड़ फौजी जवानों, सैन्य पेंशनभोगियों व सरकारी कर्मचारियों का 37,530 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता मोदी सरकार ने काट लिया है। लघु उद्योग, दुकानदारी और व्यवसाय ठप्प हो गए हैं। पर शर्म की बात है कि इसके बावजूद मोदी सरकार द्वारा बैंक चूककर्ताओं को 68,607 करोड़ रुपये की माफी दी जा रही है। इससे मोदी सरकार की ‘जन-धन-गबन’ योजना का पर्दाफाश हुआ है।’
उन्होंने यह दावा भी किया कि मोदी सरकार ने 2014-15 से 2019-20 के दौरान बैंक घोटालेबाजों का 6,66,000 करोड़ रुपये छोड़ दिया। उनके मुताबिक, इसमें भी, 2014-15 से सितंबर, 2019 तक 100 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेने वाले बैंक घोटालेबाजों का 5,10,014 करोड़ रुपये का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री मोदी मौन नहीं रह सकते और उन्हें देश को जवाब देना चाहिए।