Kerala: भाजपा-कांग्रेस ने मांगा दुष्कर्म के आरोपी विधायक एम. मुकेश का इस्तीफा, जगह-जगह हुए विरोध प्रदर्शन
कोच्चि शहर के मरदु पुलिस स्टेशन में अभिनेता और विधायक के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस ने विधायक एम मुकेश के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
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यौन शोषण के आरोपों की बाढ़ का सामना कर रहे मलयालम फिल्म उद्योग के मामले को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है। दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे मलयालम फिल्म अभिनेता और सीपीआई एम के विधायक एम. मुकेश के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। बुधवार रात को कोच्चि शहर के मरदु पुलिस स्टेशन में अभिनेता और विधायक के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस ने विधायक एम. मुकेश के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा राज्य में अन्य जगहों पर भी विरोध प्रदर्शन हुए।
विधानसभा में नेता विपक्ष वीडी सतीसन ने कहा कि कांग्रेस ने मुकेश का इस्तीफा मांगा। उन्हें और सीपीआई (एम) को इस संबंध में निर्णय लेना है। राज्य की वामपंथी सरकार दोषियों के नामों का खुलासा न हो इसलिए जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट को चार साल तक दबाए बैठी रही। समिति की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर राज्य सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से फिल्म उद्योग बर्बाद हो रहा है। हमने माकपा को इन मुद्दों पर घेरा है।
सतीसन ने यह भी कहा कि कांग्रेस की सभी शाखाओं ने सीपीआई (एम) विधायक के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हेमा समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों और निष्कर्षों पर कार्रवाई की मांग की गई।
उधर, विरोध को देखते हुए पुलिस ने विधायक एम. मुकेश के आवास के बाहर बैरिकेडिंग की। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने यहां पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं भाजपा युवा मोर्चा ने कोल्लम शहर में एक विरोध मार्च निकाला। मार्च में प्रदर्शनकारियों ने मुकेश की तस्वीर को मुखौटे के रूप में पहन रखा था और दोनों हाथों में एक चिकन पकड़ रखा था।
तीसरी हाई प्रोफाइल एफआईआर
जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट के खुलासे के बाद मलयालम फिल्म उद्योग में भूचाल आ गया है और वहां कई अभिनेताओं, फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद केरल में अभिनेता और निर्देशकों के खिलाफ दर्ज हो रहे मामलों में यह तीसरी एफआईआर है। बुधवार को तिरुवनंतपुरम पुलिस ने अभिनेता सिद्दीकी पर आठ साल पहले एक होटल में एक अभिनेत्री के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया था। उससे पहले निर्देशक रंजीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपों के बाद, रंजीत ने राज्य द्वारा संचालित केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं सिद्दिकी ने भी अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (AMMA) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट से आया भूचाल
मलयालम फिल्म उद्योग के कुछ शीर्ष लोगों के खिलाफ आरोपों की बाढ़ पिछले सप्ताह न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद शुरू हुई है। 235 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि मलयालम फिल्म उद्योग पर 10-15 पुरुष निर्माता, निर्देशक और अभिनेताओं का नियंत्रण है। तीन सदस्यीय न्यायमूर्ति हेमा समिति का गठन राज्य सरकार ने साल 2017 में किया था और इसने 2019 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया था क्योंकि इसे जारी करने पर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।
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