अनिवार्य मतदान और कॉलेजियम की सिफारिश वाली याचिका खारिज, माल्या मामले में 13 को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आम चुनाव में मतदान अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मेरिट का अभाव बताते हुए उस याचिका पर भी विचार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार को कॉलेजियम की सिफारिशों पर एक समय सीमा के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए। इधर, कारोबारी विजय माल्या की याचिका पर 13 अगस्त को सुनवाई होगी।
मतदान अनिवार्य करने वाली याचिका में कहा गया था कि मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदान अनिवार्य किया जाना चाहिए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने पांच वर्ष पहले सत्य प्रकाश नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया।
मालूम हो कि वर्ष 2014 में तत्कालीन चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। केंद्र ने अपने जवाब में कहा था कि मतदान अनिवार्य करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। सरकार का कहना था कि यह विधायिका से जुड़ा मामला है, लिहाजा न्यायपालिका को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
माल्या के अस्वस्थ रहने के कारण शुक्रवार को सुनवाई टली
भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की याचिका पर अब 13 अगस्त को सुनवाई होगी। माल्या के वकील के अस्वस्थ होने के कारण मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को यह जानकारी दी गई, जिसके बाद सुनवाई को टाल दिया गया। माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। बांबे हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।