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Assam: असम के नाम बड़ी उपलब्धि, लचित बोरफुकन पर 42 लाख निबंधों के साथ गिनीज बुक में नाम हुआ दर्ज
Thu, 09 Mar 2023 05:59 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 09 Mar 2023 05:59 PM IST
सार
ट्विटर पर सीएम सरमा ने लिखा कि असम एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स फेम में शामिल हुआ। यह खास है, क्योंकि लचित बोरफुकन पर 42.9 लाख हस्तलिखित नोट्स को दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन फोटो एल्बम के रूप में मान्यता प्राप्त है। मैं महान जनरल के प्रति अपना स्नेह दिखाने के लिए हमारे युवाओं को सलाम करता हूं।
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असम को लाचित बोरफुकन के नाम पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुआ शामिल
- फोटो : twitter
विस्तार
असम सरकार ने गुरुवार को लचित बोरफुकन पर हस्तलिखित निबंधों के सबसे बड़े ऑनलाइन फोटो एल्बम के साथ आधिकारिक तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई। वहीं गुवाहाटी में जनता भवन में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को इसका प्रमाण पत्र सौंपा गया। फोटो एल्बम में करीब 42 लाख से अधिक निबंधों का संकलन है।
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राज्य की इस उपलब्धि पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह असम का दुर्भाग्य है कि हम दुनिया के महानतम जनरल को पेश नहीं कर सके। वहीं मान्यता का आधिकारिक पत्र असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को गुरुवार को यहां गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक स्वप्निल डांगरिकर द्वारा सौंपा गया।
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ट्विटर पर सीएम सरमा ने लिखा कि असम एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हॉल ऑफ फेम में शामिल हुआ। यह खास है, क्योंकि लचित बोरफुकन पर 42.9 लाख हस्तलिखित नोट्स को दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन फोटो एल्बम के रूप में मान्यता प्राप्त है। मैं महान जनरल के प्रति अपना स्नेह दिखाने के लिए हमारे युवाओं को सलाम करता हूं।
इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें 57 लाख प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं, लेकिन केवल उन पर विचार किया गया जो हस्तलिखित थीं। गुणवत्ता ऑडिट और अन्य प्रक्रियाओं के बाद, निबंधों की अंतिम गणना 42,94,350 थी। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की समृद्ध और प्राचीन संस्कृति और विरासत को विश्व मंच पर ले जाने के लिए काम कर रही है।
25 से अधिक भाषाओं में की गई प्रविष्टियां पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में एक पोर्टल में अपलोड की गई थीं, जिसे बोरफुकन की 400वीं जयंती समारोह के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था। विश्व रिकॉर्ड के लिए केवल हस्तलिखित प्रविष्टियों पर विचार किया गया है। राज्य सरकार ने पिछले साल नवंबर में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के साथ जयंती समारोह के समापन को चिह्नित किया था और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाग लिया था।