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Hindi News ›   India News ›   Compensate Victims Of Wrongful Prosecution Plea filed in Supreme Court

गलत मुकदमा: पीड़ितों को मिले मुआवजा, याचिका की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट

Wed, 24 Mar 2021 06:40 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 24 Mar 2021 06:40 AM IST
सार

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा।
  • भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय और कपिल मिश्रा ने दायर की है याचिका।
  • विष्णु तिवारी का मामला सामने आने के बाद दायर की गई याचिकाएं।

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Compensate Victims Of Wrongful Prosecution Plea filed in Supreme Court
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की उस याचिका पर परीक्षण करने का निर्णय लिया है, जिसमें गलत अभियोजन के शिकार हुए लोगों को मुआवजा देने संबंधी दिशा-निर्देश बनाने की गुहार लगाई गई है।

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याचिका में न्याय की हत्या को लेकर विधि आयोग की 277वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों का अनुपालन करने की भी गुहार लगाई गई है। जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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साथ ही पीठ ने एक अन्य भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा दायर इस तरह की ही याचिका को उपाध्याय की याचिका के साथ जोड़ दिया है। कपिल मिश्रा ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई हैं कि सरकार को ऐसा तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि फर्जी शिकायत दर्ज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गलत अभियोजन का शिकार हुए लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए।
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विष्णु तिवारी का मामला सामने आने के बाद दायर याचिकाएं
दोनों ही याचिकाएं विष्णु तिवारी का मामला सामने आने के बाद दायर की गई है। 20 वर्ष जेल में बिताने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में विष्णु को बरी किया था। उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा है कि फिलहाल ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है कि गलत अभियोजन के कारण लंबे समय तक जेल में काटने वाले बेगुनाह लोगों को मुआवजे मिले।


बिना किसी गलती के जेल में बंद करना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने याचिका में यह भी कहा है कि फर्जी मुकदमों दर्ज होने से कई बार निर्दोष व्यक्ति आत्महत्या तक कर लेते हैं। याचिका में कहा गया है कि नागरिकों के प्रति अपनी जवाबदेही से सरकार पीछे नहीं हट सकती। वहीं, कपिल मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि फर्जी शिकायत कर कानून का दुरुपयोग हो रहा है। कानून के अभाव में फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

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