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DND Flyway: डीएनडी फ्लाईवे पर नोएडा की ओर कंपनी को विज्ञापन लगाने की मिली अनुमति, सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बात
Wed, 19 Jan 2022 08:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 19 Jan 2022 08:47 PM IST
सार
वकीलों की ओर से कहा गया कि कंपनी कोविड -19 महामारी के कारण सामान्य आर्थिक मंदी के मद्देनजर बड़े वित्तीय तनाव से जूझ रही है और वह विज्ञापन राजस्व पर बहुत अधिक निर्भर है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड को दिल्ली-नोएडा-दिल्ली फ्लाईवे के नोएडा की ओर विज्ञापन लगाने की अनुमति दे दी। इससे पहले नोएडा प्राधिकरण द्वारा डीएनडी फ्लाईवे पर विज्ञापन होर्डिंग्स को इस आधार पर हटाने का निर्देश दिया था कि नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड, नोएडा प्राधिकरण की विज्ञापन नीतियों के तहत लाइसेंस शुल्क का भुगतान नहीं कर रही थी।
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जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ के समक्ष नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि नोएडा प्राधिकरण ने कंपनी की वित्तीय संपत्तियों को अपूरणीय क्षति पहुंचाने के एकमात्र उद्देश्य से कंपनी की संपत्ति को हटा दिया और जब्त कर लिया था।
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याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 26 अक्टूबर 2016 के फैसले पर भरोसा किया जिसके द्वारा डीएनडी फ्लाईवे पर टोल संग्रह बंद कर दिया गया था और इस प्रकार कंपनी पुल के रखरखाव व संचालन के लिए पूरी तरह से विज्ञापन राजस्व पर निर्भर थी। वकीलों की ओर से कहा गया कि कंपनी कोविड -19 महामारी के कारण सामान्य आर्थिक मंदी के मद्देनजर बड़े वित्तीय तनाव से जूझ रही है और वह विज्ञापन राजस्व पर बहुत अधिक निर्भर है।
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