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कश्मीर में संचार अवरोध जारी, एक पत्रकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया शपथपत्र, आज होगी सुनवाई
Thu, 05 Sep 2019 12:30 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 05 Sep 2019 12:30 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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जम्मू कश्मीर के एक वरिष्ठ पत्रकार ने सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को घाटी में मौजूदा संचार अवरोध पर शपथ पत्र दायर कर अपनी बात रखी। सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कश्मीर घाटी में संचार अवरोध अब भी जारी है और पत्रकारों को विद्वेष और आक्रामकता का सामना करना पड़ रहा है।
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शीर्ष अदालत में दायर एक शपथपत्र में कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन ने कहा कि श्रीनगर में एक अस्थायी मीडिया सेंटर के जरिए भेजी गईं खबरों की लगातार निगरानी, प्रेस कार्डों और आवागमन पास की उपेक्षा तथा पत्रकारों द्वारा ली गईं तस्वीरों और तैयार किए गए वीडियो को डिलीट कराने जैसी चीजों ने पत्रकारों में डर और चिंता भर दी है।
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शपथपत्र में कहा गया है कि इस डर का पत्रकारों पर बहुत प्रतिकूल असर पड़ रहा है जिन्हें इस बात को लेकर सचेत रहना पड़ रहा है कि कहीं उनकी रिपोर्टिंग से सुरक्षाबलों के अधिकारी नाराज न हो जाएं। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी।
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भसीन ने अपने शपथपत्र में कहा है कि कुछ पत्रकारों को आवागमन पास जारी किए गए हैं जो कर्फ्यू पास जैसे हैं, लेकिन इससे भी पत्रकारों को सभी सार्वजनिक स्थलों पर निर्बाध पहुंच उपलब्ध नहीं है।
शपथपत्र में कहा गया है कि, पत्रकारों का आवागमन नाकों पर तैनात सुरक्षाबलों के जवान तय करते हैं, जो पासधारक पत्रकारों को अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की अनुमति नहीं देते। इसमें कहा गया कि बहुत से पत्रकारों को विद्वेष और आक्रामकता का सामना करना पड़ रहा है, वे नाकों पर तैनात सुरक्षाबलों से डरते हैं।