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President Address: 'उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंची', राष्ट्रपति भवन ने की कांग्रेस नेताओं के बयानों की निंदा
Fri, 31 Jan 2025 04:11 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 31 Jan 2025 04:11 PM IST
सार
President Address: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी पर राष्ट्रपति भवन की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया की गई है। राष्ट्रपति भवन ने अपने बयान में कहा- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं की टिप्पणियों से उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंची है।
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राष्ट्रपति भवन
- फोटो : ANI
विस्तार
राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति पर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसमें कहा गया है कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मीडिया में कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं की टिप्पणियां स्पष्ट रूप से उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। उनके ऐसे बयान देश की प्रथम नागरिक की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसलिए इन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि राष्ट्रपति जी भाषण के अंत में बहुत थक गई थी और वह मुश्किल से बोल पा रही थीं। राष्ट्रपति भवन यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह कहीं से भी सच नहीं है। संबोधन के दौरान राष्ट्रपति कभी थकी नहीं थीं। राष्ट्रपति भवन की साइट पर अपलोड किए गए इस बयान में कांग्रेस नेताओं के बयान को उच्च पद की गरिमा का अपमान बताया है।
'महिलाओं और किसानों के लिए बोलना कभी थकाऊ नहीं'
दरअसल, उनका मानना है कि हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए बोलना, जैसा कि वह अपने संबोधन के दौरान कर रही थीं, कभी भी थकाऊ नहीं हो सकता। राष्ट्रपति कार्यालय का मानना है कि ऐसा हो सकता है कि इन नेताओं ने हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और विमर्श को ठीक से नहीं समझा हो और इस तरह गलत धारणा बना ली हो। किसी भी मामले में, ऐसी टिप्पणियां बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इन्हें पूरी तरह से टाला जा सकता था। किंतु इस तरह से बयान कहीं से भी समर्थन योग्य नहीं हैं।
सोनिया-राहुल ने की विवादित टिप्पणी
बता दें कि, संसद के बजट सत्र की शुरुआत में आज दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया है। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने संसद के बाहर राष्ट्रपति को पूअर थिंग कहा, वहीं कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण को बोरिंग बताया था। वहीं कांग्रेस नेताओं के इस टिप्पणियों की राष्ट्रपति भवन ने कड़ी निंदा की है।
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सोनिया गांधी ने क्या की टिप्पणी?
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद कहा कि वह अपने संबोधन के आखिर तक थक गई थीं और बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गई थीं...वह मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी।'
राष्ट्रपति और आदिवासी समुदाय से माफी मांगे कांग्रेस- भाजपा
वहीं भाजपा ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस नेताओं से माफी की मांग की है। भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मैं और हर भाजपा कार्यकर्ता सोनिया गांधी की तरफ से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए प्रयोग किए गए शब्दों की कड़ी निंदा करते हैं। जानबूझकर ऐसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस पार्टी की अभिजात्य, गरीब विरोधी और आदिवासी विरोधी प्रकृति को दर्शाता है। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस राष्ट्रपति और भारत के आदिवासी समुदायों से बिना शर्त माफी मांगे।
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'महिलाओं और किसानों के लिए बोलना कभी थकाऊ नहीं'
दरअसल, उनका मानना है कि हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए बोलना, जैसा कि वह अपने संबोधन के दौरान कर रही थीं, कभी भी थकाऊ नहीं हो सकता। राष्ट्रपति कार्यालय का मानना है कि ऐसा हो सकता है कि इन नेताओं ने हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और विमर्श को ठीक से नहीं समझा हो और इस तरह गलत धारणा बना ली हो। किसी भी मामले में, ऐसी टिप्पणियां बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इन्हें पूरी तरह से टाला जा सकता था। किंतु इस तरह से बयान कहीं से भी समर्थन योग्य नहीं हैं।
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सोनिया-राहुल ने की विवादित टिप्पणी
बता दें कि, संसद के बजट सत्र की शुरुआत में आज दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया है। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने संसद के बाहर राष्ट्रपति को पूअर थिंग कहा, वहीं कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण को बोरिंग बताया था। वहीं कांग्रेस नेताओं के इस टिप्पणियों की राष्ट्रपति भवन ने कड़ी निंदा की है।
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सोनिया गांधी ने क्या की टिप्पणी?
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद कहा कि वह अपने संबोधन के आखिर तक थक गई थीं और बहुत मुश्किल से बोल पा रही थीं। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गई थीं...वह मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी।'
#WATCH | Delhi | After the President's address to the Parliament, Congress MP Sonia Gandhi says,"...The President was getting very tired by the end...She could hardly speak, poor thing..." pic.twitter.com/o6cwoeYFdE
— ANI (@ANI) January 31, 2025
राष्ट्रपति और आदिवासी समुदाय से माफी मांगे कांग्रेस- भाजपा
वहीं भाजपा ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस नेताओं से माफी की मांग की है। भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मैं और हर भाजपा कार्यकर्ता सोनिया गांधी की तरफ से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए प्रयोग किए गए शब्दों की कड़ी निंदा करते हैं। जानबूझकर ऐसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस पार्टी की अभिजात्य, गरीब विरोधी और आदिवासी विरोधी प्रकृति को दर्शाता है। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस राष्ट्रपति और भारत के आदिवासी समुदायों से बिना शर्त माफी मांगे।
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