फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   code of conduct for judges of Supreme Court and High Court to be decided in Parliamentary Committee meeting

Judiciary: जजों के लिए तय होगी नई आचार संहिता, संसदीय समिति बैठक में न्यायपालिका की निष्पक्षता पर होगी चर्चा

Sat, 21 Jun 2025 05:28 AM IST
Himanshu Mishr हिमांशु मिश्र
Updated Sat, 21 Jun 2025 05:28 AM IST
सार

संसद की विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति की 24 जून को होने वाली अहम बैठक में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के लिए आचार संहिता तय करने और जजों की सेवानिवृत्ति के बाद आयोग, ट्रिब्यूनल सहित अन्य सांविधानिक पदों पर नियुक्ति के संबंध में नई आचार संहिता जारी करने पर चर्चा होनी है।

विज्ञापन
code of conduct for judges of Supreme Court and High Court to be decided in Parliamentary Committee meeting
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

सरकार निकट भविष्य में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता कायम रखने पर अहम फैसला कर सकती है। दरअसल संसद की विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति की 24 जून को होने वाली अहम बैठक में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के लिए आचार संहिता तय करने और जजों की सेवानिवृत्ति के बाद आयोग, ट्रिब्यूनल सहित अन्य सांविधानिक पदों पर नियुक्ति के संबंध में नई आचार संहिता जारी करने पर चर्चा होनी है।

विज्ञापन


बैठक ऐसे समय में हो रही है जब नकदी कांड मामले में सरकार 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है, जबकि हेट स्पीच मामले में विपक्ष दूसरे न्यायाधीश जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की मांग कर रहा है। पूर्व नौकरशाह और राज्यसभा सांसद बृजलाल की अध्यक्षता वाली इस 31 सदस्यीय समिति की बैठक में सरकार का पक्ष रखने के लिए विधि सचिव को बुलाया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंधु: ईरान से लौटे लोगों की आंखें हुई नम, भारत पहुंचकर लगाए वंदे मातरम् के नारे; PM मोदी का जताया आभार
विज्ञापन
विज्ञापन


जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी होगी चर्चा
बैठक में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली पर भी चर्चा होगी। इस सिस्टम के तहत दोनों अदालतों में जजों की नियुक्ति का अधिकार जजों की ही पास है। इसपर कई वर्षों से सवाल उठ रहे हैं। इस स्थिति में बदलाव के लिए सरकार ने साल 2015 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) विधेयक पारित किया था।

ये भी पढ़ें: RSS: विद्या भारती के स्कूलों में AI की पढ़ाई, सीमावर्ती जिलों में 211 स्कूल खोल बच्चों को मिल रही मुफ्त शिक्षा

तय होगा कि रिटायरमेंट के कितने समय बाद सरकारी पद ले सकते हैं
समिति की योजना इस संदर्भ में सरकार को अहम सिफारिश करने की है। समिति के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में यह तय हो सकता है कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के कोई जज सेवानिवृत्त होते ही एक तय समय तक सरकार की ओर से प्रस्तावित पद स्वीकार नहीं कर सकते हैं। वर्तमान में सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को आयोग, ट्रिब्यूनल या सांविधानिक पदों पर नियुक्ति की परंपरा शुरू हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed