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RSS: विद्या भारती के स्कूलों में AI की पढ़ाई, सीमावर्ती जिलों में 211 स्कूल खोल बच्चों को मिल रही मुफ्त शिक्षा
Sat, 21 Jun 2025 02:25 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 21 Jun 2025 02:25 AM IST
सार
आरएसएस से जुड़े विद्या भारती के 507 स्कूलों में एआई व रोबोटिक्स की पढ़ाई हो रही है। पाकिस्तान, नेपाल, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार बार्डर के 127 जिलों में 211 स्कूल खोलकर वहां पर बच्चों को मुफ्त में स्कूली शिक्षा देने का काम शुरू किया गया है।
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विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विस्तार
आरएसएस से जुड़े विद्या भारती के स्कूलों में भी अब छात्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और डिजिटल क्लास रूम में पढ़ाई कर रहे हैं। करीब 507 स्कूलों में अटल टिकरिंग लैब स्थापित हो चुकी है। यहां पर एआई, रोबोटिक कोडिंग समेत अन्य उभरती तकनीकों में छात्रों को सक्षम किया जा रहा है। बेटियों को साइंस क्षेत्र से जोड़ने के लिए स्टैम पर खास तौर पर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि पाकिस्तान, नेपाल, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार बार्डर के 127 जिलों में 211 स्कूल खोलकर वहां पर बच्चों को मुफ्त में स्कूली शिक्षा देने का काम शुरू किया गया है।
दिल्ली में शुक्रवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की। संस्थान के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने बताया कि उनके सभी 684 जिलों में 12, 118 स्कूलों में एनईपी 2020 के तहत पढ़ाई हो रही है। इसमें से 328 सीबीएसई बोर्ड तो अन्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं कक्षा में पास फीसदी 93 फीसदी से अधिक है। ढाई हजार से अधिक छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए है।
ये भी पढ़ें:- Moideenabba Ummer Beary: 12 साल पुराने नकली नोट मामले में भगोड़ा UAE से प्रत्यर्पित, दुबई से मुंबई लाया गया
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जबकि दसवीं कक्षा में 96.5 फीसदी छात्र पास हैं। दसवीं में 27 हजार से अधिक छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए है। उत्तराखंड, उड़ीसा और पंजाब प्रदेश में विद्या भारती के छात्रों ने पहला, दूसरा और स्थान हासिल किया है। जबकि हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम व झारखंड में टॉप 10 में जगह बनाई है। राष्ट्रीय विज्ञान मेले, गणित ओलंपियाड, खेल प्रतियोगिताओं में पहला स्थान प्राप्त किया है। संस्थान के 27 से अधिक पूर्व छात्रों ने यूपीपीएस में सफलता पाई है। इसमें से प्रयागराज के प्रकाश यादा, बुलंदशहर के विभोर सारस्वत, मध्य प्रदेश के गरोठ के ऋषभ चौधरी ने टॉप 50 में जगह बनाई है।
बार्डर एरिया पर 211 स्कूल खोले
महामंत्री देशराज शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान, नेपाल, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार बार्डर के 127 जिलों में 211 स्कूलों में विद्या भारती स्कूल खोले गए हैं। इन इलाकों के छात्रों को मुफ्त में स्कूली शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसमें अधिकतर जनजातीय और सीमावर्ती जिलों के बच्चें हैं। जहां, आसपास स्कूल न होने से बच्चे पढ़ाई से महरूम हो रहे थे। इन बच्चों को पढ़ाई के साथ कौशल में भी निपुण किया जाएगा, ताकि वे रोजगार से जुड़ सकें। इसके अलावा कारगिल, शिमला, मंडी और नागालैंड के दुर्गम क्षेत्रों में जन शिक्षण संस्थान भी खोले हैं, ताकि वहां पर लड़कों के साथ बेटियों को पढ़ाई व कौशल में निपुण किया जाए।
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थ्री लैंग्वेज फार्मूला पुराना, वे समर्थन करते हैं
उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर ने बताया कि एनईपी 2020 में मातृभाषा में पढ़ाई बेहतर होगी। तमिलनाडु समेत कुछ अन्य राज्यों के थ्री लैंग्वेज फार्मूला विवाद पर कहा कि यह बेहद पुराना है। शुरू से ही थ्री लैंग्वेज फार्मूला लागू था। इसलिए इस मुद्दे पर विवाद बेकार है। उनके स्कूलों में वे थ्री लैंग्वेज फार्मूला को समर्थन देते हैं।
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दिल्ली में शुक्रवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की। संस्थान के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने बताया कि उनके सभी 684 जिलों में 12, 118 स्कूलों में एनईपी 2020 के तहत पढ़ाई हो रही है। इसमें से 328 सीबीएसई बोर्ड तो अन्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 12वीं कक्षा में पास फीसदी 93 फीसदी से अधिक है। ढाई हजार से अधिक छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए है।
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जबकि दसवीं कक्षा में 96.5 फीसदी छात्र पास हैं। दसवीं में 27 हजार से अधिक छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए है। उत्तराखंड, उड़ीसा और पंजाब प्रदेश में विद्या भारती के छात्रों ने पहला, दूसरा और स्थान हासिल किया है। जबकि हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम व झारखंड में टॉप 10 में जगह बनाई है। राष्ट्रीय विज्ञान मेले, गणित ओलंपियाड, खेल प्रतियोगिताओं में पहला स्थान प्राप्त किया है। संस्थान के 27 से अधिक पूर्व छात्रों ने यूपीपीएस में सफलता पाई है। इसमें से प्रयागराज के प्रकाश यादा, बुलंदशहर के विभोर सारस्वत, मध्य प्रदेश के गरोठ के ऋषभ चौधरी ने टॉप 50 में जगह बनाई है।
बार्डर एरिया पर 211 स्कूल खोले
महामंत्री देशराज शर्मा ने बताया कि पाकिस्तान, नेपाल, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार बार्डर के 127 जिलों में 211 स्कूलों में विद्या भारती स्कूल खोले गए हैं। इन इलाकों के छात्रों को मुफ्त में स्कूली शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसमें अधिकतर जनजातीय और सीमावर्ती जिलों के बच्चें हैं। जहां, आसपास स्कूल न होने से बच्चे पढ़ाई से महरूम हो रहे थे। इन बच्चों को पढ़ाई के साथ कौशल में भी निपुण किया जाएगा, ताकि वे रोजगार से जुड़ सकें। इसके अलावा कारगिल, शिमला, मंडी और नागालैंड के दुर्गम क्षेत्रों में जन शिक्षण संस्थान भी खोले हैं, ताकि वहां पर लड़कों के साथ बेटियों को पढ़ाई व कौशल में निपुण किया जाए।
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थ्री लैंग्वेज फार्मूला पुराना, वे समर्थन करते हैं
उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर ने बताया कि एनईपी 2020 में मातृभाषा में पढ़ाई बेहतर होगी। तमिलनाडु समेत कुछ अन्य राज्यों के थ्री लैंग्वेज फार्मूला विवाद पर कहा कि यह बेहद पुराना है। शुरू से ही थ्री लैंग्वेज फार्मूला लागू था। इसलिए इस मुद्दे पर विवाद बेकार है। उनके स्कूलों में वे थ्री लैंग्वेज फार्मूला को समर्थन देते हैं।