coastal cyclothon: सीआईएसएफ के जवान चलाएंगे 6,500 किलोमीटर साइकिल, तटीय सुरक्षा के बारे फैलाएंगे में जागरूकता
सीआईएसएफ 28 जनवरी से 22 फरवरी के बीच साइक्लोथॉन का दूसरा संस्करण आयोजित करने जा रहे हैं। इसमें जवान साइकिल से समुद्र तट के किनारे लगभग 6,500 किलोमीटर की दूरी तय की थी।
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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ 28 जनवरी से 25 दिन के तटीय साइक्लोथॉन का दूसरा संस्करण आयोजित करेगा, जिसमें भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के 6,500 किलोमीटर के इलाके को कवर किया जाएगा और किनारों पर सुरक्षा बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा। साइक्लोथॉन का पहला संस्करण मार्च 2025 में आयोजित किया गया था, जब सीआईएसएफ के जवानों ने समुद्र तट के किनारे लगभग 6,500 किलोमीटर की दूरी तय की थी।
सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण का मकसद तटीय आबादी को राष्ट्रीय उद्देश्यों से जोड़ना है। फोर्स इन इलाकों के स्थानीय लोगों को तटीय सुरक्षा के बारे में भी जागरूक करेगी।
28 जनवरी से 22 फरवरी तक होगा आयोजन
'सीआईएसएफ वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन 2026' का आयोजन 28 जनवरी से 22 फरवरी के बीच वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जाएगा। एक प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम का थीम 'सुरक्षित तट, समृद्ध भारत' है।
सीआईएसएफ के जवान भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के किनारे ग्यारह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी साइकिलों पर लगभग 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इसका मकसद लोगों में तट सुरक्षा के बारे में जागरूकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और ऐसे व्यायामों के माध्यम से खुद को फिट रखने का संदेश देना भी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश की लगभग 18 प्रतिशत आबादी तटीय जिलों में रहती है।