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Goa: प्रदूषण रोकने को तटरक्षक बल का अभियान जारी, 10 दिन पहले कारावाट तट पर मर्चेंट नेवी के जहाज में लगी थी आग
Sun, 28 Jul 2024 11:36 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 28 Jul 2024 11:36 PM IST
सार
पनामा-ध्वजांकित मालवाहक एमवी मार्सक फ्रैंकफर्ट ने 19 जुलाई को गोवा के पश्चिम में लगभग 80 समुद्री मील की दूरी पर एक बड़ी आग लगने की सूचना दी। जहाज गुजरात के मुंद्रा से श्रीलंका के कोलंबो जा रहा था। इसमें 1,154 कंटेनर भरे थे, जिसमें बेंजीन और सोडियम साइनेट जैसे खतरनाक सामान भी शामिल थे।
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जहाज में लगी आग बुझाती तटरक्षक बल की टीम
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
गोवा के कारावाट तट पर मर्चेंट नेवी के जहाज में आग लगने के बाद 10वें दिन भी प्रदूषण को रोकने के लिए अभियान जारी रहा। भारतीय तटरक्षक बल समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। समुद्री सुरक्षा एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि आईसीजी जहाज सीमा शीतलन का काम कर रहे हैं और छिटपुट छोटी लपटों को बुझा रहे हैं, जो जहाज पर सीलबंद कंटेनरों में समय-समय पर भड़क रही है। हालांकि, तटरक्षक बल ने पहले आग पर काबू पा लिए जाने की जानकारी दी थी।
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पनामा-ध्वजांकित मालवाहक एमवी मार्सक फ्रैंकफर्ट ने 19 जुलाई को गोवा के पश्चिम में लगभग 80 समुद्री मील की दूरी पर एक बड़ी आग लगने की सूचना दी। जहाज गुजरात के मुंद्रा से श्रीलंका के कोलंबो जा रहा था। इसमें 1,154 कंटेनर भरे थे, जिसमें बेंजीन और सोडियम साइनेट जैसे खतरनाक सामान भी शामिल थे।
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तटरक्षक बल के प्रवक्ता ने कहा, 'समुद्र और वायु दोनों में आईसीजी संपत्तियों को अग्निशमन प्रयास करने और संकटग्रस्त जहाज की सहायता करने का काम सौंपा गया था। 21 विदेशी दल में से एक फिलिपिनो नागरिक लापता है। अन्य लोग सुरक्षित हैं। जहाज संरचनात्मक रूप से स्थिर है और चालू है।
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प्रवक्ता ने कहा कि पांच तटरक्षक जहाजों, दो एएलएच (उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर) और एक डोर्नियर विमान ने 'ऑपरेशन सहायता' के हिस्से के रूप में कई उड़ानें भरी हैं। आग वाली जगह पर 1,200 किलो से अधिक सूखा रासायनिक पाउडर हवा से गिराया गया है। जहाज पर लोगों की जान बचाने, संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मालवाहक जहाज पर आग के किसी भी दुष्प्रभाव से समुद्री पर्यावरण की रक्षा के लिए ऑपरेशन सहायता शुरू की गई थी।
तटरक्षक बल ने प्रदूषण के अप्रत्याशित मामले में सुधारात्मक उपाय करने के लिए ऑपरेशन सहायता की शुरुआत के बाद से आईसीजी जहाज 'समुद्र प्रहरी', एक विशेष प्रदूषण नियंत्रण जहाज को न्यू मैंगलोर में स्थानांतरित कर दिया है। विशेष पोत एक डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम से भी लैस है, जो इसे कार्गो वाहक से बहुत करीब दूरी पर अग्निशमन में शामिल होने में सक्षम बनाता है।
प्रवक्ता ने कहा, आईसीजी ने प्रगति की समीक्षा करने और संकट का शीघ्र समाधान खोजने के लिए डीजी शिपिंग, राज्य प्रशासन, हितधारकों, बंदरगाहों, बचाव एजेंसी, जहाज मालिकों और प्रबंधन के साथ दो समन्वय बैठकें भी की हैं। स्थिति नियंत्रण में है और समुद्री पर्यावरण और तटीय क्षेत्रों को कोई खतरा नहीं है।
उन्होंने कहा कि तटरक्षक की विशेष प्रदूषण प्रतिक्रिया टीम तेल रिसाव की अप्रत्याशित स्थिति में उचित प्रतिक्रिया देने के लिए ऑपरेशन शुरू होने के बाद से स्टैंडबाय पर है। हालांकि, आईसीजी के प्रदूषण निवारक रुख ने यह सुनिश्चित किया है कि एमवी मार्सक फ्रैंकफर्ट जहाज पर आग से समुद्री पर्यावरण और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों को कोई खतरा नहीं है।