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Telangana: सीएम रेवंत रेड्डी की केंद्र सरकार से मांग, कहा- राज्य के पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक को दी जाए मंजूरी
Fri, 15 Aug 2025 02:55 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 15 Aug 2025 02:55 PM IST
सार
गोलाकुंडा में स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के बाद सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य विधानसभा ने स्थानीय निकायों, शिक्षा और नौकरियों में पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए दो विधेयक पारित किए हैं। उन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
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सीएम रेवंत रेड्डी।
- फोटो : PTI
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विस्तार
तेलंगाना के सीएम ए रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से राज्य के पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक को मंजूरी देने की मांग की है। गोलाकुंडा में स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के बाद सीएम ने कहा कि राज्य विधानसभा ने स्थानीय निकायों, शिक्षा और नौकरियों में पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए दो विधेयक पारित किए हैं। उन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सीएम ने कहा कि मैं एक बार फिर केंद्र सरकार से लंबित विधेयकों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करता हूं। राज्य में कराया गया जातिगत सर्वेक्षण और अनुसूचित जाति वर्गीकरण भारत के इतिहास में राज्य सरकार का साहसिक निर्णय है।
सीएम रेड्डी ने कहा कि हमारी सरकार का 'तेलंगाना राइजिंग 2047' विजन, जिसका उद्देश्य राज्य को 2035 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, केवल एक योजना नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय प्रगति में अपने समृद्ध योगदान से राज्य को गौरवान्वित करने का संकल्प है। यह बापू घाट पर गांधी सरोवर परियोजना, ग्रीनफील्ड राजमार्गों, शुष्क बंदरगाहों, मेट्रो रेल चरण- II, बाहरी और क्षेत्रीय रिंग रोड के बीच रेडियल सड़कों, वारंगल और आदिलाबाद हवाई अड्डों, हैदराबाद-नागपुर, हैदराबाद-बंगलूरू और हैदराबाद-विजयवाड़ा औद्योगिक गलियारों के निर्माण के साथ तेलंगाना की छवि को मौलिक रूप से बदलने की योजना है।
उन्होंने कहा कि विजन दस्तावेज में राज्य की राजधानी में मुसी नदी पुनरुद्धार परियोजना के माध्यम से हैदराबाद की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान का वादा किया गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित फ्यूचर सिटी, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाई गई है, आधुनिक विश्व का प्रवेश द्वार होगी।
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सीएम रेड्डी ने कहा कि हमारी सरकार का 'तेलंगाना राइजिंग 2047' विजन, जिसका उद्देश्य राज्य को 2035 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, केवल एक योजना नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय प्रगति में अपने समृद्ध योगदान से राज्य को गौरवान्वित करने का संकल्प है। यह बापू घाट पर गांधी सरोवर परियोजना, ग्रीनफील्ड राजमार्गों, शुष्क बंदरगाहों, मेट्रो रेल चरण- II, बाहरी और क्षेत्रीय रिंग रोड के बीच रेडियल सड़कों, वारंगल और आदिलाबाद हवाई अड्डों, हैदराबाद-नागपुर, हैदराबाद-बंगलूरू और हैदराबाद-विजयवाड़ा औद्योगिक गलियारों के निर्माण के साथ तेलंगाना की छवि को मौलिक रूप से बदलने की योजना है।
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उन्होंने कहा कि विजन दस्तावेज में राज्य की राजधानी में मुसी नदी पुनरुद्धार परियोजना के माध्यम से हैदराबाद की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान का वादा किया गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित फ्यूचर सिटी, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाई गई है, आधुनिक विश्व का प्रवेश द्वार होगी।
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सीएम रेवंत रेड्डी।
- फोटो : PTI
तेलंगाना को विश्व का नंबर एक राज्य बनाना लक्ष्य: सीएम
सीएम रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों के सहयोग से तेलंगाना को विश्व मंच पर नंबर एक राज्य बनाना है। वैश्विक मंच पर तेलंगाना की ताकत और ब्रांड हैदराबाद है। हमारी सरकार इस ब्रांड को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) को गलत रूप में दिखाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। HYDRAA ऐसी प्रणाली है जो हैदराबाद की रक्षा करेगी। आज, बंगलूरु, मुंबई और चेन्नई जैसे शहर बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। हैदराबाद में ऐसी दुर्दशा नहीं होनी चाहिए। हैदराबाद को रहने के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए, तालाबों पर अतिक्रमण रोकने के लिए हाइड्रा लाया गया था।
उन्होंने बताया कि अब तक हाइड्रा ने 13 पार्कों और 20 झीलों को अतिक्रमण से बचाया है। एजेंसी ने 30,000 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी ज़मीनों की सुरक्षा की है। पिछली बीआरएस सरकार के कारण वित्तीय बोझ का सामना करने के बावजूद सरकार राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
बड़ा ऋण चुकाया: रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने कहा कि पिछली सरकार ने हम पर 8,21,652 करोड़ रुपये का बढ़ता कर्ज और बकाया छोड़ा था और जब जनता की सरकार सत्ता में आई, तो इसमें से 6,71,757 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में थे। 40,154 करोड़ रुपये का बकाया कर्मचारियों के भुगतान और अन्य योजनाओं से संबंधित है। 1,09,740 करोड़ रुपये का बकाया एससी, एसटी उपयोजना, सिंगरेनी (कोलियरीज), बिजली और अन्य विभागों से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि कुल ऋण में से राज्य सरकार ने 2,20,676 करोड़ रुपये का ऋण चुका दिया है, जिसमें 1,32,498 करोड़ रुपये की मूल राशि और 88,178 करोड़ रुपये की ब्याज राशि शामिल है। सीएम रेड्डी ने कृषि ऋण माफी, किसानों की निवेश सहायता योजना 'रायथु भरोसा', पीडीएस के माध्यम से उत्तम किस्म के चावल का वितरण, कांग्रेस सरकार की गरीब लोगों के लिए आवास योजना 'इंदिरम्मा' के बारे में बताया।
सीएम रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों के सहयोग से तेलंगाना को विश्व मंच पर नंबर एक राज्य बनाना है। वैश्विक मंच पर तेलंगाना की ताकत और ब्रांड हैदराबाद है। हमारी सरकार इस ब्रांड को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) को गलत रूप में दिखाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। HYDRAA ऐसी प्रणाली है जो हैदराबाद की रक्षा करेगी। आज, बंगलूरु, मुंबई और चेन्नई जैसे शहर बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। हैदराबाद में ऐसी दुर्दशा नहीं होनी चाहिए। हैदराबाद को रहने के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए, तालाबों पर अतिक्रमण रोकने के लिए हाइड्रा लाया गया था।
उन्होंने बताया कि अब तक हाइड्रा ने 13 पार्कों और 20 झीलों को अतिक्रमण से बचाया है। एजेंसी ने 30,000 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी ज़मीनों की सुरक्षा की है। पिछली बीआरएस सरकार के कारण वित्तीय बोझ का सामना करने के बावजूद सरकार राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
बड़ा ऋण चुकाया: रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने कहा कि पिछली सरकार ने हम पर 8,21,652 करोड़ रुपये का बढ़ता कर्ज और बकाया छोड़ा था और जब जनता की सरकार सत्ता में आई, तो इसमें से 6,71,757 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में थे। 40,154 करोड़ रुपये का बकाया कर्मचारियों के भुगतान और अन्य योजनाओं से संबंधित है। 1,09,740 करोड़ रुपये का बकाया एससी, एसटी उपयोजना, सिंगरेनी (कोलियरीज), बिजली और अन्य विभागों से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि कुल ऋण में से राज्य सरकार ने 2,20,676 करोड़ रुपये का ऋण चुका दिया है, जिसमें 1,32,498 करोड़ रुपये की मूल राशि और 88,178 करोड़ रुपये की ब्याज राशि शामिल है। सीएम रेड्डी ने कृषि ऋण माफी, किसानों की निवेश सहायता योजना 'रायथु भरोसा', पीडीएस के माध्यम से उत्तम किस्म के चावल का वितरण, कांग्रेस सरकार की गरीब लोगों के लिए आवास योजना 'इंदिरम्मा' के बारे में बताया।