मोदी सरकार पर ममता का दबाव, बंगाल में घटाई पेट्रोल-डीजल की कीमत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत बंद को लेकर एक साथ आईं विपक्ष की 21 राजनीतिक पार्टियों का प्रयास बेशक ज्यादा असरदार नहीं रहा लेकिन कई राज्य सरकारों ने पेट्रोल-डीजल की कीमत कम कर केंद्र पर दबाव बनाने शुरू कर दिया है। आंध्र प्रदेश और राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमत में एक रुपये की कटौती की है। सोमवार 10 सितंबर को व्यापक बंद के अपने फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी एक मंच पर विरोध करने जुटे थे। जिसके बाद नई दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। छिटपुट घटना के बीच अपने राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करने की कवायद आंध्र प्रदेश सरकार ने कल ही कर दी थी। इसके एक दिन पहले ही राजस्थान सरकार द्वारा भी पेट्रोल-डीजल की कीमत कम कर दी गई थी।
We have decided to reduce the price of both petrol and diesel by Re 1: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee pic.twitter.com/8IWhK9Hv2e
— ANI (@ANI) September 11, 2018विज्ञापन
वहीं आज मंगलवार को ममता सरकार ने भी पश्चिम बंगाल में जनता को महंगाई से राहत देते हुए यहां पेट्रोल-डीजल एक रुपये प्रति लीटर सस्ता कर दिया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में पेट्रोल की कीमत में एक रुपये की कटौती के बाद अब यहां पेट्रोल की कीमत 82.84 रु/लीटर हो गई है। वहीं डीजल के दाम में एक रुपये कम होने के बाद इसकी कीमत 74.9 रु/लीटर हो गई है।
याद दिला दें कि ममता की तृणमूल सरकार कांग्रेस द्वारा आयोजित इस भारत बंद का हिस्सा नहीं थी। कांग्रेस के प्रस्ताव से अलग हटकर सरकार ने राज्य में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। सोमवार यानी कल ही बंगाल यातायात कंपनी बंग्लाश्री कॉर्प ने अपने बस के किराए में भी कटौती की थी। बंग्लाश्री बस सेवा का शुभारंभ जल्द हुआ है जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने ही हरी झंडी दी है।
ऐसे में जब केंद्र सरकार विपक्ष के विरोधों का सामना कर रही है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य सरकारों द्वारा अपनी जनता के लिए कम की गई पेट्रोल-डीजल की कीमत से निश्चित तौर पर मोदी सरकार पर दबाव बनना तय है। देखना है कि राज्य स्तर पर पेट्रोल-डीजल या फिर महंगाई को कम करने के लिए कौन सा राज्य सामने आता है।