सीएम जयललिता की तेलुगू गवर्नर से रही अनबन, मगर तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री से रहा लगाव
सफल फिल्म करियर से राजनीति की दुनिया में कदम रखने वाली जयललिता ने राजनीति के क्षेत्र में भी अपना एक अलग मुकाम बनाया। वे जब भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद पर पहुंची उन्हें तमाम अड़चनों का सामना करना पड़ा लेकिन बावजूद इसके उन्होंने खुद को साबित किया और अपनी लोकप्रियता कायम रखी। हालांकि, मुख्यमंत्री रहते उनकी तमिलनाडु के तेलुगू राज्यपालों से हमेशा अनबन रहती थी।
90 के दशक में जब जयललिता मुख्यमंत्री बनीं तो उनका तमिलनाडु के तेलुगू राज्यपाल मारी चन्ना रेड्डी से अधिकारों को लेकर टकराव जनता के सामने आया था। जिसकी उस दौर में सार्वजनिक तौर पर चर्चा होती थी। जयललिता के मुख्यमंत्री रहते तमिलनाडु के अन्य तेलुगू राज्यपाल के रोसय्या थे जिनसे जयललिता के संबंध रोसय्या के मुकाबले काफी बेहतर थे। रोसय्या ने ही जयललिता को इस साल मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। गवर्नर बनने से पहले रोसय्या आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री थे, इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने उन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया था।
तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में खूब चमका जयललिता का सितारा
जयललिता की मौत के वक्त भी तमिलनाडु के राज्यपाल सीएच विद्यासागर राव तेलुगू ही हैं। सीएच विद्यासागर राव महाराष्ट्र और तमिलनाडु दोनों के राज्यपाल है। जयलिलता की गंभीर हालत की सूचना मिलते ही राज्यपाल राव महाराष्ट्र से रविवार को ही तमिलनाडु पहुंच गए थे।
राजनीति में आने से पहले जयललिता के तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री से रिश्ते काफी अच्छे थे। उन्होंने तेलुगू अभिनेता एनटी रामाराव के आंध्रप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले उनके साथ बतौर हीरोइन अनेक फिल्मों में काम किया था। एनटी रामाराव के अलावा जयललित ने अक्कीनेनी नागेशवर राव, कांथा राव, शोभन बाबु और कृष्णा के साथ भी फिल्मों में अदाकारी की। जयललिता की मौत पर तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री ने शोक व्यक्त किया है।