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Cyber Attack: भारत में साइबर हमलों के लिए क्लाउड संसाधन सबसे बड़ा लक्ष्य, अध्ययन में बात सामने आई

Thu, 04 Jul 2024 04:14 AM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Thu, 04 Jul 2024 04:14 AM IST
सार

भारत में साइबर हमलों के लिए क्लाउड संसधान सबसे बड़ा लक्ष्य होता है। 37 प्रतिशत संगठन इसका सामना भी कर चुके हैं। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है।

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Cloud resources biggest targets for cyberattacks in India, says study
क्लाउड सेवाएं - फोटो : Amarujala

विस्तार

भारत में साइबर हमलों के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य क्लाउड संसाधन हैं। यह बात  एक बहुराष्ट्रीय फर्म के अध्ययन में सामने आई है। 

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थेल्स ने 2024 थेल्स क्लाउड सुरक्षा अध्ययन जारी करने की घोषणा की है, जो 18 देशों में 37 उद्योगों में के लगभग 3,000 आईटी और सुरक्षा पेशेवरों के सर्वेक्षण के आधार पर की गई है। यह अध्ययन नवीनतम क्लाउड सुरक्षा खतरों, रुझानों और उभरते जोखिमों का वार्षिक मूल्यांकन है।

इसमें कहा गया है, "यह अध्ययन 2,961 उत्तरदाताओं के वैश्विक सर्वेक्षण पर आधारित था, जिसका उद्देश्य सुरक्षा और आईटी प्रबंधन को बेहतर करना है। 

अध्ययन में बताया गया है, "भारत में साइबर हमलों के लिए क्लाउड संसाधनों को सबसे बड़े लक्ष्य के रूप में पहचाना गया है।" इसलिए क्लाउड सुरक्षा खर्च अब अन्य सभी सुरक्षा खर्च श्रेणियों में सबसे ऊपर है"।

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46 प्रतिशत मानते हैं कि क्लाउड में संवेदनशील डेटा संग्रहित है

भारत में लगभग आधे (46 प्रतिशत) उत्तरदाताओं ने बताया कि क्लाउड में संग्रहीत सभी कॉर्पोरेट डेटा संवेदनशील हैं और सर्वे में भाग लने वाले 37 प्रतिशत संगठनों ने भारत में क्लाउड डेटा उल्लंघन का अनुभव किया है, जबकि इनमें 14 प्रतिशत संस्थान ऐसे हैं जिन्होंने पिछले साल ही इसका अनुभव किया है। 

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अध्ययन के मुताबिक भारत में 35 प्रतिशत संगठनों ने माना है कि क्लाउड वातावरण को भविष्य में सुरक्षित बनाने के डिजिटल पहल का महत्व है और विश्व में, लगभग आधे संगठन ने स्वीकार किया है कि क्लाउड में अनुपालन और गोपनीयता का प्रबंधन करना अधिक कठिन है।  

अध्ययन में यह बात सामने आई है कि क्लाउड डेटा उल्लंघन में लगभग 34 प्रतिशत मूल कारणों में मानवीय त्रुटि और गलत कॉन्फिग्रेशन है। जबकि 21 प्रतिशत मामलों मे साइबर हमलावरों पहले से पता जानकारी से फायदा उठाते हैं। वहीं 11 प्रतिशत मामलों में बहु-कारक प्रमाणीकरण का उपयोग करना है। 

क्या होती हैं क्लाउड सर्विसेज?

क्लाउड सॉफ्टवेयर या सर्विसेज वो हैं जो इंटरनेट पर रन होती है इन्हें गूगल क्रोम या मोंजिला फायरफॉक्स जैसे वेब ब्राउजर पर एक्सेस किया जा सकता है। हालांकि कुछ कंपनियां इनके मोबाइल एप्लीकेशन भी ऑफर करती हैं। गूगल ड्राइव, नेटफ्लिक्स, याहू, मेल, ड्रॉपबॉक्स ये सब क्लाउड सर्विसेज ही हैं। वहीं सर्वर, डाटावेस, नेटवर्किंग सॉफ्टवेयर, एनालिटिक्स, इंटेलीजेंस आदि क्लाउड सर्विसेज में आते हैं। क्लाउड प्रोडक्ट को मैनेज करने के लिए क्लाउड प्रोडक्ट मैनेजर काम करते हैं। ये क्लाउड प्रोडक्ट संबंधी डेटा, मार्केट ट्रेंड्स, विपणन रणनीति और फीडबैक से अवगत होते हैं जिससे कंपनी के उत्पाद को सफलतापूर्वक विकसित करने में सक्षम होते हैं। अगर आप भी क्लाउड सर्विसेज, क्लाउंड कंम्यूटिंग आदि सीखने की सोच रहे हैं तो ये इस क्षेत्र में करिअर बनाने का सही समय है। 

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