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Bengal: शुभेंदु के करीबी की एक करोड़ की सुपारी देकर करवाई हत्या? क्राइम सीन पर पहुंची CBI, हुए कई खुलासे
Tue, 12 May 2026 11:01 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 12 May 2026 11:01 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब सीबीआई कर रही है। 6 मई को हुई इस हत्या को एक सुनियोजित 'सुपारी किलिंग' माना जा रहा है, जिसमें 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अंदेशा है। सीबीआई और फॉरेंसिक टीम ने क्राइम सीन का मुआयना किया है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते है...
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सीबीआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त एक मर्डर ने हड़कंप मचा रखा है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और पीआरओ चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई की विशेष जांच दल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले में उस जगह पहुंची। यहां चंद्रनाथ रथ को सरेआम गोलियों से भून दिया गया था। जांच एजेंसियों ने अपनी तफ्तीश बहुत तेज कर दी। पुलिस सूत्रों और जांच में यह बहुत बड़ा इशारा मिला है कि यह कोई आम हत्या नहीं थी, बल्कि इसके लिए बहुत ही गहरी साजिश रची गई थी और करीब एक करोड़ रुपये की भारी भरकम सुपारी दी गई थी।
दरअसल, यह खौफनाक वारदात 6 मई को हुई थी। यह दिन इसलिए अहम है क्योंकि इसके ठीक दो दिन पहले ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। नतीजे आने के तुरंत बाद चंद्रनाथ रथ को उनकी गाड़ी के अंदर ही मार दिया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने खुद सीबीआई से जांच की मांग की थी। इसके बाद सोमवार रात को सीबीआई ने राज्य पुलिस से यह मामला अपने हाथ में ले लिया और हत्या की नई एफआईआर दर्ज कर ली। डीआईजी पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में सीबीआई की एक टीम ने कई घंटों तक क्राइम सीन पर रुक कर घटना की पूरी बारीकी से जांच की। इसके साथ ही कोलकाता की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के तीन बड़े विशेषज्ञों की टीम ने भी जांच में मदद करने के लिए मौके से खून के नए नमूने और अन्य अहम सबूत इकट्ठा किए हैं।
ये भी पढ़ें- PM Modi-Eknath Shinde: जब पीएम मोदी ने एकनाथ शिंदे से पूछा हेलीकॉप्टर हादसे का हाल, बातचीत का वीडियो हुआ वायरल
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आखिर एक करोड़ रुपये की सुपारी देकर कैसे की गई हत्या?
पुलिस और जांचकर्ताओं का मानना है कि इस हत्या को बहुत ही दिमाग लगाकर और काफी पैसा खर्च करके अंजाम दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस व्यक्ति या गैंग ने इस हत्या की 'सुपारी' दी है, उसने इस पूरे काम पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए होंगे। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हत्या में जो दो हथियार इस्तेमाल किए गए थे, उनमें से सिर्फ एक हथियार की कीमत ही अवैध बाजार में 10 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इसके अलावा, बाहर से शार्प शूटर बुलाना, इलाके की पूरी रेकी करना और भागने के लिए महंगी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों का इंतजाम करना साफ दिखाता है कि इस मर्डर के लिए बहुत ज्यादा पैसे खर्च किए गए थे।
हत्यारों भागने के लिए क्या साजिश रची?
हत्या के तरीके को देखकर पुलिस भी हैरान है। 6 मई की रात जब चंद्रनाथ रथ अपनी एसयूवी (SUV) से जा रहे थे, तभी मध्यमग्राम की दोहरिया लेन में एक सिल्वर रंग की कार ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। इसके तुरंत बाद दोपहिया वाहनों पर सवार होकर आए हथियारबंद बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हत्या करने के बाद वे अपनी सिल्वर रंग की कार वहीं छोड़कर एक लाल रंग की कार और मोटरसाइकिल पर बैठकर भाग गए। बाद में पुलिस को दो मोटरसाइकिलें मिलीं, जिनमें से एक क्राइम सीन के पास और दूसरी वहां से 6 किलोमीटर दूर बारासात में लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने बताया कि इन सभी गाड़ियों की नंबर प्लेट बिल्कुल फर्जी थीं और उनके इंजन और चेसिस नंबर भी मिटा दिए गए थे, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
जांच कहां तक पहुंची है?
पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक खतरनाक "शार्प शूटर" भी शामिल है। पुलिस ने इनकी पहचान मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में की है। ये हत्यारे हावड़ा के बाली टोल प्लाजा पर एक यूपीआई (UPI) पेमेंट करने की वजह से पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस का मानना है कि हत्या के इस पूरे खेल में कम से कम 8 लोग शामिल हो सकते हैं। अदालत ने पकड़े गए इन आरोपियों को 24 मई तक 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपी बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं, लेकिन अब तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि इस हत्या का असली मास्टरमाइंड कौन है। सीबीआई अब हर एंगल से, खासकर दूसरे राज्यों के अपराधियों से जुड़े तार की बहुत गहराई से जांच कर रही है।
अन्य वीडियो-
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दरअसल, यह खौफनाक वारदात 6 मई को हुई थी। यह दिन इसलिए अहम है क्योंकि इसके ठीक दो दिन पहले ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। नतीजे आने के तुरंत बाद चंद्रनाथ रथ को उनकी गाड़ी के अंदर ही मार दिया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने खुद सीबीआई से जांच की मांग की थी। इसके बाद सोमवार रात को सीबीआई ने राज्य पुलिस से यह मामला अपने हाथ में ले लिया और हत्या की नई एफआईआर दर्ज कर ली। डीआईजी पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में सीबीआई की एक टीम ने कई घंटों तक क्राइम सीन पर रुक कर घटना की पूरी बारीकी से जांच की। इसके साथ ही कोलकाता की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के तीन बड़े विशेषज्ञों की टीम ने भी जांच में मदद करने के लिए मौके से खून के नए नमूने और अन्य अहम सबूत इकट्ठा किए हैं।
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आखिर एक करोड़ रुपये की सुपारी देकर कैसे की गई हत्या?
पुलिस और जांचकर्ताओं का मानना है कि इस हत्या को बहुत ही दिमाग लगाकर और काफी पैसा खर्च करके अंजाम दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस व्यक्ति या गैंग ने इस हत्या की 'सुपारी' दी है, उसने इस पूरे काम पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए होंगे। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हत्या में जो दो हथियार इस्तेमाल किए गए थे, उनमें से सिर्फ एक हथियार की कीमत ही अवैध बाजार में 10 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इसके अलावा, बाहर से शार्प शूटर बुलाना, इलाके की पूरी रेकी करना और भागने के लिए महंगी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों का इंतजाम करना साफ दिखाता है कि इस मर्डर के लिए बहुत ज्यादा पैसे खर्च किए गए थे।
हत्यारों भागने के लिए क्या साजिश रची?
हत्या के तरीके को देखकर पुलिस भी हैरान है। 6 मई की रात जब चंद्रनाथ रथ अपनी एसयूवी (SUV) से जा रहे थे, तभी मध्यमग्राम की दोहरिया लेन में एक सिल्वर रंग की कार ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। इसके तुरंत बाद दोपहिया वाहनों पर सवार होकर आए हथियारबंद बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हत्या करने के बाद वे अपनी सिल्वर रंग की कार वहीं छोड़कर एक लाल रंग की कार और मोटरसाइकिल पर बैठकर भाग गए। बाद में पुलिस को दो मोटरसाइकिलें मिलीं, जिनमें से एक क्राइम सीन के पास और दूसरी वहां से 6 किलोमीटर दूर बारासात में लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने बताया कि इन सभी गाड़ियों की नंबर प्लेट बिल्कुल फर्जी थीं और उनके इंजन और चेसिस नंबर भी मिटा दिए गए थे, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
जांच कहां तक पहुंची है?
पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक खतरनाक "शार्प शूटर" भी शामिल है। पुलिस ने इनकी पहचान मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में की है। ये हत्यारे हावड़ा के बाली टोल प्लाजा पर एक यूपीआई (UPI) पेमेंट करने की वजह से पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस का मानना है कि हत्या के इस पूरे खेल में कम से कम 8 लोग शामिल हो सकते हैं। अदालत ने पकड़े गए इन आरोपियों को 24 मई तक 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपी बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं, लेकिन अब तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि इस हत्या का असली मास्टरमाइंड कौन है। सीबीआई अब हर एंगल से, खासकर दूसरे राज्यों के अपराधियों से जुड़े तार की बहुत गहराई से जांच कर रही है।
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