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जलवायु परिवर्तन: आपदाओं से हर साल तबाह होता है 25 लाख करोड़ का बुनियादी ढांचा, सीडीआरआई रिपोर्ट में खुलासा
Thu, 05 Oct 2023 05:19 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 05 Oct 2023 05:19 AM IST
सार
सीडीआरआई की रिपोर्ट यह भी कहती है कि नुकसान के पीछे 30 प्रतिशत की वजहें भौगोलिक हालात हैं तो 70 प्रतिशत नुकसान जलवायु के कारण हो रहा है। यह संकेत है कि जलवायु परिवर्तन से दुनिया को आर्थिक नुकसान और बढ़ सकता है।
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- फोटो : संवाद
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विस्तार
दुनिया में हर साल 30 हजार करोड़ डॉलर यानी करीब 25 लाख करोड़ रुपए के बुनियादी ढांचे को प्राकृतिक आपदाएं व जलवायु परिवर्तन तबाह कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2019 में यूएन क्लाइमेट एक्शन समिट में बनाए ‘आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन’ (सीडीआरआई) ने अपनी द्विवर्षीय रिपोर्ट में यह दावा किया।
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इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य नुकसान भी गिनें तो आंकड़ा 73.2 हजार से 84.5 हजार करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा। इतना पैसा पूरी दुनिया में 2021-22 में हुई जीडीपी वृद्धि का सातवां हिस्सा है।
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रिपोर्ट के अनुसार इस नुकसान का करीब 50 प्रतिशत निम्न व मध्यम आय वाले देश सह रहे हैं। जबकि यहां बुनियादी ढांचा पहले से कमजोर है। वे आपदाओं और जलवायु परिवर्तन की वजह से और कमजोर हो रहे हैं।
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सीडीआरआई की रिपोर्ट यह भी कहती है कि नुकसान के पीछे 30 प्रतिशत की वजहें भौगोलिक हालात हैं तो 70 प्रतिशत नुकसान जलवायु के कारण हो रहा है। यह संकेत है कि जलवायु परिवर्तन से दुनिया को आर्थिक नुकसान और बढ़ सकता है।
नया निवेश भी अमीर देशों में कहीं ज्यादा
सीडीआरआई ने बताया कि नए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए वैश्विक निवेश का 80 प्रतिशत हिस्सा उच्च आय वर्ग वाले देशों में जा रहा है। रिपोर्ट बताती है कि उत्तरी अमेरिका और यूरोप में हो रहा प्रति व्यक्ति निवेश उप-सहारा अफ्रीकी देशों से क्रमश: 57 व 41 गुना अधिक है।
यही नहीं, 2021 में जहां उच्च आय वाले देशों में इस निवेश में 8.3 प्रतिशत वृद्धि हुई, निम्न व मध्यम आय वाले देशों में 8.8 प्रतिशत गिरावट आ गई। 2022 में कुल निवेश का महज 2 प्रतिशत हिस्सा निम्न आय वाले देशों को गया।
बुनियादी ढांचे पर खर्च में 80 गुना तक अंतर
रिपोर्ट ने अमीर और गरीब देशों के बुनियादी ढांचे में हुए खर्च को भी रोचक ढंग से बताया। इसके अनुसार उच्च आय वर्ग वाले देशों में इस पर प्रति व्यक्ति औसतन 2 लाख डॉलर खर्च हुआ है। मध्य आय वर्ग वाले देशों के लिए यह आंकड़ा 37 हजार डॉलर तो निम्न व मध्य आय वर्ग के देशों के लिए महज 8 हजार डॉलर है। इस असमानता को ऐसे समझें कि स्विट्जरलैंड में बुनियादी ढांचा बनाने के लिए हुए प्रति व्यक्ति खर्च का मूल्य 3.75 लाख डॉलर है तो वहीं सेनेगल में महज 4,600 डॉलर। यह करीब 80 गुना का अंतर है।