फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   clean mobile screen twice a day for reducing the spread of coronavirus

कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए मोबाइल फाेन की स्क्रीन दिन में दो बार साफ करें

Wed, 10 Jun 2020 10:25 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Wed, 10 Jun 2020 10:25 AM IST
सार

  • मोबाइल फोन की स्क्रीन पर कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा
  • दिन में दो बार मोबाइल फोन की स्क्रीन को साफ करना चाहिए
  • आईआईटी बॉम्बे के अध्ययन में सामने आई बात

विज्ञापन
clean mobile screen twice a day for reducing the spread of coronavirus
mobile screen cleaning

विस्तार

कोरोना वायरस से बचाव के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई स्वास्थ्य संस्थान नए तथ्यों और तरीकों को जनता के सामने रख रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में कोविड-19 को लेकर जारी अपने दिशा-निर्देशों में बदलाव कर तीन परतों वाला मास्क पहनने को उचित बताया। 

विज्ञापन


इसी तरह कोविड-19 का संक्रमण मोबाइल फोन पर रह सकता है, इसके लिए जरूरी है कि मोबाइल फोन की स्क्रीन को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। आईआईटी-बॉम्बे के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि कोरोना वायरस की संक्रामक बूंदें सामान्य कांच की तुलना में फोन के कांच की सतह पर सूखने में ज्यादा वक्त लगाती हैं।
विज्ञापन



फोन की स्क्रीन, कपास और लकड़ी ऐसे सामग्री हैं जो वायरस के लिए सुरक्षित जगह मानी जाती है, यानि कि इन चीजों पर वायरस ज्यादा अवधि के लिए रह सकता है। इसके लिए जरूरी है कि इन सामानों को नियमित रूप से धोते रहें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आईआईटी के प्रोफेसर रजनीश भारद्वाज ने बताया कि बूंदों का वाष्पीकरण सतह, तापमान और नमी पर निर्भर करता है। तापमान ज्यादा होने से बूंदों को सोखने और वायरस के संक्रमण को तेजी से खत्म करने में मदद मिली है। जबकि कम तापमान यानि कि नमी ने बूंदों को सोखने में देरी की है। 

कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए कांच और स्टेनलेस स्टील को समय-समय पर साफ नहीं करना पड़ता है क्योंकि वे हाइड्रोफिलिक हैं यानि कि वे पानी को तेजी से सोखते हैं। वाटरलू यूनिवर्सिटी के प्रो. पीटर हॉल का कहना है कि इन्हीं कारणों से फोन को दिन में दो बार साफ करना चाहिए।

दूसरी तरफ एक और शोध में बताया गया है कि 10 घंटे में अस्पताल के वार्ड की आधी से ज्यादा सतह पर कोरोना एसएआरएस सीओवी-2 वायरस फैल सकता है। यह बहुत तेजी से प्रसार करता है। सिमुलेशन अध्ययन में लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल (यूसीएल) और ग्रेट आर्म्ड स्ट्रीट हॉस्पिटल (जीओएसएच) केस अध्ययन के मुताबिक, अस्पताल के पलंग की रेलिंग में छोड़ा गया। प्रतिरूपित वायरस डीएनए लगभग 10 घंटे में वार्ड की पूरी सतह पर पाया गया और कम से कम 5 दिन तक वहां मौजूद रहा।


स्वच्छता अपनाकर रोका जा सकता है प्रसार
जनरल ऑफ हॉस्पिटल इन्फेक्शन प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया अपने आसपास लगातार स्वच्छता बनाए रखकर ही इससे बचा जा सकता है। यूसीएल की लेना सिरीस का कहना है कि हमारे अध्ययन से यह यह तो साफ हो गया है कि वायरस के प्रसार में सतह अहम भूमिका निभा रही हैं। शोधकर्ताओं ने इसे आइसोलेशन रूम के बिस्तर की रेलिंग पर छोड़ दिया। उन्होंने पाया कि 10 घंटों के भीतर ही यह वार्ड के 41 फीसदी स्थान में फैल चुका था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed