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अन्ना विश्वविद्यालय दुष्कर्म मामला: DMK सरकार ने अपुष्ट खबरों को बताया बेबुनियाद दावे, एसआईटी की जांच जारी

Sat, 04 Jan 2025 10:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 04 Jan 2025 10:39 PM IST
सार

Anna University Sexual Assault Case: तमिलनाडु सरकार ने अन्ना विश्वविद्यालय में दुष्कर्म के मामले को लेकर मीडिया में आ रही खबरों का खंडन किया और कहा कि इस तरह के झूठे दावे लोगों में भ्रम फैला सकते हैं और जांच को प्रभावित कर सकते हैं। 

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Claims in sections of media on varsity student case false, says TN govt
एसआईटी ने एक आरोपी के घर पर ली तलाशी - फोटो : वीडियो ग्रैब/एक्स/एएनआई

विस्तार

तमिलनाडु सरकार ने शनिवार को कुछ मीडिया खबरों में विश्वविद्यालय की छात्रा के मामले की जांच को लेकर किए जा रहे दावे बेबुनियाद और गलत हैं। इस तरह के दावे जांच की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकते हैं। सरकार ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे बिना ठोस जानकारी के केवल अटकलों पर आधारित खबरें प्रकाशित न करें। 

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इस मामले की जांच महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम (एसआईटी) कर रही है, जिसका नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (अन्ना नगर) भूक्या स्नेहा कर रही हैं। एसआईी ने अभी तक किसी भी मीडिया हाउस या व्यक्ति के साथ जांच  के संबंध में कोई बयान या राय साझा नहीं की है। सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया खातों ने जांच के बारे में दावे किए हैं, जो पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं। 
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सरकार ने कहा कि इस तरह के झूठे दावे लोगों में भ्रम फैला सकते हैं और इससे स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच में बाधा आ सकती है। इस जांच के महत्व को ध्यान में रखते हुए मीडिया और सोशल मीडिया खातों से अपील है कि वे केवल वास्तविक जानकारी पर आधारित सामग्री ही प्रकाशित/पोस्ट करें, अटकलों या अनुमानों से बचें। 
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इस मामले पर भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा, हमने राज्यपाल से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। वह इस मामले को बहुत चिंता के साथ सुन रहे थे। हम सभी राज्य सरकार की निंदा करते हैं कि हमें इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाने दी गई। सुंदरराजन ने पूछा, आप हमें क्यों गिरफ्तार कर रहे हैं? क्या तमिलनाडु में कोई अघोषित आपातकाल है? आप हमें एक जगह एकत्र होने की इजाजत क्यों नहीं दे रहे हैं?

वहीं, अन्ना विश्वविद्यालय में कथित दुष्कर्म मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम एक आरोपी के घर पर तलाशी लेने के बाद रवाना हो गई। 

एक हफ्ते पहले मद्रास हाईकोर्ट ने अन्ना विश्वविद्यालय में कथित दुष्कर्म और प्राथमिकी लीक मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इस एसआईटी में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की महिला अधिकारी शामिल हैं। जस्टिस एस.एम. सब्रमण्यम और जस्टिस वी. लक्ष्मी नारायणन ने एसआईटी का गठन किया था। इसमें स्नेहा प्रिया, अयमान जमाल और बृंदा जैसी महिला आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी को दोनों मामलों की जांच सौंपी गई है। 

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