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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ जांच के आदेश का दावा
Sat, 15 Jun 2019 10:06 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 15 Jun 2019 10:06 PM IST
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मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) को 1984 दंगों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस एसआईटी का गठन सिख दंगों में बंद हुए केसों की दुबारा जांच के लिए किया गया है।
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गुरुद्वारा रकाबगंज स्थित कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता में सिरसा ने कहा कि उन्होंने कमलनाथ के खिलाफ जांच का मामला केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के माध्यम से तत्कालीन गृह मंत्री के समक्ष उठाया था। दिसंबर 2018 में एक पत्र भी लिखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ के उकसाने पर भीड़ ने सिखों के खिलाफ हिंसा की। इस संबंध में 1 नवंबर 1984 को संसद मार्ग थाने में एफआईआर 601-84 दर्ज की गई थी।
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चार्जशीट में कमलनाथ का नाम छोड़ दिया गया। एसआईटी के पास सबूतों की कमी से बंद केसों की जांच का अधिकार है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने एसआईटी को कमलनाथ के खिलाफ केस की पड़ताल करने के लिए कहा है और एसआईटी का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने संबधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वह एसआईटी से अपील करेंगे कि कमलनाथ का नाम एफआईआर 601-84 में शामिल कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
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