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गोधरा में नीट में बड़ी धांधली का दावा: मुन्ना भाई छाप डॉक्टर बनाने में जुटा था सिस्टम; खरगे ने की जांच की मांग

Sat, 15 Jun 2024 03:52 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Sat, 15 Jun 2024 03:52 PM IST
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सार
नीट के गोधरा कांड का खुलासा एक गुप्त शिकायत के बाद हुआ था। एक पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि गोधरा का जय जालाराम स्कूल छात्रों से दस-दस लाख रुपये लेकर उन्हें नीट की परीक्षा पास कराने में जुटा हुआ है। पत्र में पूरे कनेक्शन की जानकारी भी दी गई थी। इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था। 
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Claim of big rigging in NEET in Godhra System was busy making Munna Bhai type doctors demand investigation
NEET - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अभिनेता संजय दत्त की एक फिल्म में एक डॉक्टर को मजबूर कर अयोग्य व्यक्ति के द्वारा एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में टॉप करते हुए दिखाया गया था। नीट परीक्षा में हुई धांधली की परतें जितनी उधड़ती जा रही हैं, यह शर्मनाक तथ्य सामने आ रहा है कि पूरा सिस्टम अयोग्य उम्मीदवारों को मुन्नाभाई छाप डॉक्टर बनाने में जुटा हुआ था। नीट के गोधरा कांड में एक स्कूल का प्रबंधक, प्रिंसिपल और शिक्षक मिलकर छात्रों को नीट परीक्षा पास कराने के आरोप में पकड़े गए हैं। आरोपियों से सात लाख रुपये की नकदी और 2.30 करोड़ रुपये के चेक बरामद किए गए हैं, जो यह बता रहा है कि छात्रों को डॉाक्टर बनाने के लिए भारी रकम वसूली जा रही थी। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में गंभीर लापरवाही बरतने और जांच को भटकाने का आरोप लगाया है। वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में व्यापक पैमाने पर कोई गड़बड़ी न होने और अदालत के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है।   



नीट के गोधरा कांड का खुलासा एक गुप्त शिकायत के बाद हुआ था। एक पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को शिकायत मिली थी कि गोधरा का जय जालाराम स्कूल छात्रों से दस-दस लाख रुपये लेकर उन्हें नीट की परीक्षा पास कराने में जुटा हुआ है। पत्र में पूरे कनेक्शन की जानकारी भी दी गई थी। इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था। 


इसके बाद पुलिस ने स्कूल से जुड़े लोगों पर छापेमारी की। छापेमारी में स्कूल के एक शिक्षक तुषार भट्ट के यहां से सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई। इसके बाद तुषार भट्ट की निशानदेही पर पुलिस ने स्कूल के प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम शर्मा और दलाल विभोर आनंद और आरिफ वोहरा की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने छापेमारी में 2.30 करोड़ रुपये के चेक भी बरामद किए थे। जो छात्र नकदी नहीं दे पाए थे, उन्होंने सेलेक्शन के बाद पैसा देने की एवज में चेक दिया था। 

पुलिस के अनुसार कम से कम 27 छात्रों से करोड़ों की रकम ली गई थी। हालांकि इस सेंटर से केवल तीन ही छात्रों के द्वारा नीट क्वालीफाई किया जा सका था। माना जा रहा है कि कोई छात्र पैसा देने के बाद भी क्वालीफाई नहीं कर पाया होगा, उसने या उसके अभिभावक ने जिलाधिकारी को गुप्त शिकायत देकर इस मामले का भांडाफोड़ कर दिया था। 

कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया
कांग्रेस ने नीट के मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि केंद्र सरकार की लापरवाही से 24 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ की जानी चाहिए। 

खरगे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि नीट घोटाले की लीपापोती चालू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर नीट में पेपर लीक नहीं हुआ, तो बिहार में 13 आरोपियों को पेपर लीक के चलते गिरफ्तार क्यों किया गया? क्या रैकेट में शामिल शिक्षा माफिया व संगठित गिरोह को पेपर के बदले 30-50 लाख रुपये तक के भुगतान का पटना पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने पर्दाफाश नहीं किया? गुजरात तक करोड़ों की लेनदेन का खुलासा किया जा चुका है। इसके बाद भी सरकार इस मामले में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार न होने की बात कह रही है। यह गलत है। 

मंत्री ने क्या कहा?
नीट मामले पर पूरे देश में छात्र धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार भी बैकफुट पर आ गई है। अब तक केंद्र की तरफ से कहा जा रहा था कि इस मामले में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार नहीं हुआ है, लेकिन जहां भी गड़बड़ी पाई जा रही है, वहां जांच कराई जाएगी और प्रभावित छात्रों को दोबारा प्रयास करने का अवसर दिया जाएगा। लेकिन छात्रों के आक्रोश और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच के लिए दबाव पड़ने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि अदालत के आदेश के अनुसार इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। 

क्यों भड़का छात्रों का गुस्सा?
छात्र अब पूरी परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराए जाने की मांग पर अड़ गए हैं। इस मामले में नीट के प्रमुख द्वारा इस मामले की जांच का भी विरोध किया जा रहा है। एबीवीपी छात्र नेता आशुतोष सिंह ने अमर उजाला से कहा कि इस पूरे विवाद में एनटीए की विश्वसनीयता समाप्त हो गई है। 24 लाख छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित कराने में जिस तरह की तैयारी की जानी चाहिए, परीक्षा केंद्रों की विश्वसनीयता जिस स्तर पर बनाई जानी चाहिए थी, इस पूरे विवाद में नहीं किया गया है। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराकर दोषियों को कड़ा दंड दिया जाना चाहिए। 

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