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Amrapali Group case: सीजेआई ललित शनिवार को सुनेंगे आम्रपाली केस, दो अधूरे निर्माण एनबीसीसी कर रहा पूरे

Wed, 31 Aug 2022 01:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 31 Aug 2022 01:38 PM IST
सार

कोर्ट वरिष्ठ वकील आर. वेंकटरमानी की रिपोर्ट पर भी विचार करेगी। वेंकटरमानी को शीर्ष कोर्ट ने समूह से घर खरीदने वालों (homebuyers) के मामलों से निपटने के लिए रिसिवर नियुक्त किया था। 

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CJI Lalit to conduct proceedings on Saturday in Amrapali Group case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट बहुचर्चित आम्रपाली समूह की आवासीय परियोजनाओं को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं की शनिवार को सुनवाई करेगी। सीजेआई यूयू ललित की पीठ मामले को सुनेगी। समूह से फ्लैट खरीदने वाले सैकड़ों लोग को घर नहीं मिले हैं। हालांकि, दो परियोजनाओं को शीर्ष कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी पूरा कर रही है। 

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सीजेआई ललित और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की पीठ तीन सितंबर को आम्रपाली समूह की परियोजनाओं से संबंधित मसलों पर विचार करेगी। कोर्ट वरिष्ठ वकील आर. वेंकटरमानी की रिपोर्ट पर भी विचार करेगी। वेंकटरमानी को शीर्ष कोर्ट ने समूह से घर खरीदने वालों (homebuyers) के मामलों से निपटने के लिए रिसिवर नियुक्त किया था। 
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इससे पहले 22 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुरेखा परिवार के संबंध में जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल की गई स्थिति रिपोर्ट पर संज्ञान लिया था। उक्त रिपोर्ट के अनुसार, 215 करोड़ रुपये की टीएमटी सरिये की आपूर्ति फर्जी पाई गई, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत विस्तृत जांच अभी चल रही है और उचित कदम उठाए जाएंगे। उसके बाद ही इस मामले पर विचार किया जाए। 
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एनबीसीसी को दो साल पहले दी मंजूरी
शीर्ष कोर्ट ने 25 जनवरी, 2019 को केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) को आम्रपाली समूह की दो अटकी आवास परियोजनाओं को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी थी। इसके बाद 23 जुलाई 2019 को, अदालत ने एनबीसीसी को नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रों में आम्रपाली की अधूरी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने और इन्हें जल्द से जल्द घर खरीदारों को सौंपने के लिए कहा था। कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप का रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया था।

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