सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों से जल्द मुलाकात कर सकते हैं CJI दीपक मिश्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीफ जस्टिस के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की कार्यशैली पर सवाल उठाने के बाद से हंगामा मचा हुआ है। इसी बीच सीजेआई दीपक मिश्रा खुद पर आरोप लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों से शनिवार को मुलाकात कर सकते हैं।
एक निजी टीवी चैनल की खबर के मुताबिक अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने जल्द मामला सुलझा लिए जाने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि सोमवार (15 जनवरी) को वकील और पक्षकार सर्वोच्च न्यायालय के जजों के बीच में एकता दिखेगी। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जज इस पूरे मामले को अब और आगे नहीं बढ़ने देंगे। वहीं इस मसले को निपटाने के लिए सोमवार को होने वाली सुनवाई को रद्द कर दिया गया है। क्योंकि जिस जज को मामले की सुनवाई करनी थी, वो अवकाश पर हैं।
Supreme Court on Monday will not hear PIL seeking probe into the alleged mysterious death of Special CBI Judge BH Loya, as one of the SC judges M Shantanagoudar is on leave.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 13, 2018
गौरतलब है कि न्यायपालिका में चल रही गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज नाराज चल रहे हैं। जजों ने इससे पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) से इस बारे में कई बार बातचीत भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकलने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने आकर शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस की थी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की कार्यशैली पर कई आरोप लगाए हैं। जजों ने था कहा कि न्यायपालिका में कुछ महीनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है और ऐसा रहा तो लोकतंत्र नहीं चल सकेगा।
न्याय और न्यायपालिका के हित में मुंह खोला: जस्टिस कुरियन जोसेफ
केस के चुनिंदा बंटवारे और कतिपय न्यायिक फैसलों के विरोध में चीफ जस्टिस के खिलाफ बगावत करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार जजों में शामिल जस्टिस कुरियन जोसेफ ने शनिवार को भरोसा जताया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चारों जजों ने सिर्फ न्याय और न्यायपालिका के हितों की रक्षा के लिए प्रेस कांफ्रेंस के जरिए देश को सब कुछ बताने का कदम उठाया है।
उन्होंने अनुशासन भंग करने के आरोपों को खारिज करते हुए उम्मीद जताई कि चीफ जस्टिस के साथ मतभेदों को सार्वजनिक करने के उनके फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन में ज्यादा पारदर्शिता आएगी। शुक्रवार की विस्फोटक प्रेस कांफ्रेंस के बाद अपने पैतृक गांव पहुंचे जस्टिस जोसेफ मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि चारों जजों ने न्याय और न्यायपालिका के लिए मुंह खोला है। शुक्रवार को मीडिया के सामने भी हमने यही कहा था। अब इस संबंध में इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है। हमने जो मुद्दे उठाए हैं उन पर ध्यान दिया जाएगा और उन्हें हल भी कर लिया जाएगा। जजों ने सिर्फ न्यायपालिका में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए यह काम किया है।