{"_id":"63773f13ec53e654bf34c532","slug":"cji-d-y-chandrachud-says-all-supreme-court-benches-to-hear-10-matrimonial-transfer-cases-10-bail-pleas-every","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए चीफ जस्टिस का आदेश: सुप्रीम कोर्ट की सभी बेंच रोजाना 10 वैवाहिक मामलों, 10 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नए चीफ जस्टिस का आदेश: सुप्रीम कोर्ट की सभी बेंच रोजाना 10 वैवाहिक मामलों, 10 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करें
Fri, 18 Nov 2022 02:02 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 18 Nov 2022 02:02 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सभी बेंच को रोजाना 10 वैवाहिक मामलों और 10 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने अपनी पूर्ण अदालत की एक बैठक में बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत उन्होंने मामलों की लंबितता को कम करने के लिए सभी बेंच को रोजाना 10 वैवाहिक मामले और 10 जमानत याचिकाओं से जुड़े मामलों पर सुनवाई करने के लिए कहा है। चीफ जस्टिस ने यह फैसला शीर्ष अदालत के सभी न्यायाधीशों की बैठक में लिया।
विज्ञापन
शीतकालीन अवकाश से पहले मामले निपटाने होंगे: चीफ जस्टिस
सीजेआई ने कहा कि एक पूर्ण अदालत की बैठक के बाद, हमने फैसला किया है कि प्रत्येक पीठ रोजाना 10 वैवाहिक स्थानांतरण मामलों और 10 जमानत मामलों पर सुनवाई करेगी। शीतकालीन अवकाश से पहले ऐसे सभी मामलों को निपटाना होगा। मामलों को प्रधानता देने की आवश्यकता है क्योंकि ये व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित हैं।
विज्ञापन
काम का बोझ कम होगा: सुप्रीम कोर्ट
पीठ ने कहा कि अब तक शीर्ष अदालत में वैवाहिक मामलों से संबंधित 3,000 याचिकाएं लंबित हैं जहां पक्षकार मामलों को अपनी पसंद के स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि यदि प्रत्येक पीठ प्रतिदिन 10 तबादलों के मामलों की सुनवाई करती है तो 13 पीठें प्रतिदिन 130 मामले और प्रति सप्ताह 650 मामले तय कर सकेंगी। जिससे काम का बोझ भी खत्म हो जाएगा। सीजेआई ने कहा कि इन 20 जमानत और स्थानांतरण याचिकाओं को रोजाना निपटाने के बाद बेंच नियमित मामले लेना शुरू कर देगी। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि उन्होंने पूरक सूची में अंतिम समय में सूचीबद्ध होने वाले मामलों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है ताकि न्यायाधीशों पर बोझ कम हो सके जो देर रात तक केस फाइलों को देखने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन