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CJI: 'जनता और संविधान के बीच पुल का काम करती है न्यायपालिका', गवई बोले- मूल्यों से मजबूत होता है लोकतंत्र

Fri, 05 Sep 2025 08:31 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 05 Sep 2025 08:31 PM IST
सार

काठमांडू में नेपाल-भारत न्यायिक संवाद 2025 में सीजेआई बी.आर. गवई ने कहा कि न्यायपालिका जनता और संविधान के बीच सेतु है। उन्होंने बताया कि अदालतों की भूमिका सिर्फ विवाद सुलझाने तक सीमित नहीं, बल्कि न्याय, समानता और गरिमा को सुनिश्चित करने की भी है।

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CJI BR Gavai say Judiciary acts as a bridge between people and constitution democracy strengthened by values
जस्टिस बीआर गवई - फोटो : PTI

विस्तार

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई ने शुक्रवार को कहा कि न्यायपालिका लोगों की आकांक्षाओं और संविधान में निहित आदर्शों के बीच सेतु का काम करती है। काठमांडू में आयोजित नेपाल-भारत न्यायिक संवाद 2025 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अदालतों का काम सिर्फ विवादों का निपटारा करना नहीं है, बल्कि न्याय, समानता और मानव गरिमा के सिद्धांतों को व्यवहार में लागू करना भी है।
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सीजेआई गवई ने कहा कि आज की बदलती परिस्थितियों में न्यायपालिका कानून की व्याख्या करते हुए शासन की दिशा तय करती है, लोगों का भरोसा बढ़ाती है और लोकतंत्र को केवल संस्थानों से नहीं, बल्कि मूल्यों से भी मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका अब संरक्षक और उत्प्रेरक दोनों की भूमिका निभा रही है।
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पारंपरिक भूमिका से आगे
गवई ने बताया कि पहले अदालतों का काम सिर्फ कानून की किताब के शब्दों के अनुसार फैसले देना माना जाता था। लेकिन अब न्यायपालिका को कानून की गहराई और उसके प्रभाव को देखते हुए निर्णय लेने होते हैं। यही सक्रिय भूमिका उसकी पहचान बन चुकी है।


प्रशासनिक और तकनीकी सुधार
सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ फैसलों के जरिए ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और संस्थागत सुधारों के जरिए भी लोकतंत्र और न्याय को मजबूत किया है। उन्होंने केस मैनेजमेंट, डिजिटल ढांचे और न्याय तक आसान पहुंच की दिशा में किए गए सुधारों को रेखांकित किया।

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डिजिटल क्रांति और न्यायपालिका
उन्होंने बताया कि भारत में 95% से ज्यादा गांवों तक इंटरनेट पहुंच चुका है और 2014 से 2024 के बीच इंटरनेट उपयोगकर्ता 280% बढ़े हैं। कोविड महामारी ने तकनीक-आधारित सुधारों को और तेज किया। इससे न्यायपालिका ने उभरती चुनौतियों का सामना करने और न्याय तक पहुंच बढ़ाने में बड़ी प्रगति की है। सीजेआई गवई ने कहा कि आज के वैश्विक दौर में न्यायपालिकाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। ऐसे में एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना आधुनिक न्यायपालिका की प्रभावशीलता और विकास के लिए बेहद आवश्यक है।



 
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