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PM मोदी नीत सरकार की नीतियां: क्या सिंध भारत का हिस्सा बनेगा? CAA के पीछे मंशा... रक्षा मंत्री ने सबकुछ बताया
Sun, 23 Nov 2025 05:55 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 23 Nov 2025 05:55 PM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सिंध की भौगोलिक स्थिति पर बड़ा बयान दिया। इसके अलावा उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर सरकार की मंशा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और सोच को भी स्पष्ट किया। रक्षा मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों को आईना दिखाते हुए साफ किया कि सरकार समाज के हर तबके के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और वैसी नीतियां भी बनाई जा रही हैं। जानिए राजनाथ सिंह ने क्या बातें कहीं?
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सिंध को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ ने आज देश की राजनीति और भूगोल से जुड़े अहम ऐतिहासिक तथ्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'आज सिंध की ज़मीन भारत का हिस्सा भले न हो, लेकिन सभ्यता की दृष्टि से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा, और जहां तक ज़मीन का सवाल है, सीमाएं बदल सकती हैं। कौन जाने, कल सिंध फिर से भारत में आ जाए...।
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सिंध के कई मुसलमान भी मानते थे कि सिंधु नदी का पानी...
उन्होंने कहा, 'मैं यहां लाल कृष्ण आडवाणी का भी जिक्र करना चाहूंगा। उन्होंने अपनी एक किताब में लिखा है कि सिंधी हिंदू, खासकर उनकी पीढ़ी के लोग, अभी भी सिंध के भारत से अलग होने को स्वीकार नहीं कर पाए हैं। सिर्फ सिंध में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में हिंदू सिंधु नदी को पवित्र मानते थे। सिंध के कई मुसलमान भी मानते थे कि सिंधु नदी का पानी मक्का के आब-ए-जमजम से कम पवित्र नहीं है।'
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#WATCH | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh says, "...Today, the land of Sindh may not be a part of India, but civilisationally, Sindh will always be a part of India. And as far as land is concerned, borders can change. Who knows, tomorrow Sindh may return to India again..."… pic.twitter.com/9Wp1zorTMt
— ANI (@ANI) November 23, 2025
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कौन जाने, कल सिंध फिर से भारत में आ जाए...
रक्षा मंत्री ने कहा, 'यह आडवाणी का कथन है। आज सिंध की जमीन भारत का हिस्सा भले न हो, लेकिन सभ्यता की दृष्टि से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। और जहां तक जमीन का सवाल है, सीमाएं बदल सकती हैं। कौन जाने, कल सिंध फिर से भारत में आ जाए। सिंध के हमारे लोग, जो सिंधु नदी को पवित्र मानते हैं, हमेशा हमारे अपने रहेंगे। चाहे वे कहीं भी हों, वे हमेशा हमारे रहेंगे।
अल्पसंख्यक समुदाय वर्षों से पीड़ित हैं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से जुड़ी नीतियों और कानून को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की सोच को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'कई पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यक समुदाय वर्षों से पीड़ित हैं। उनके घर जला दिए गए, उनके बच्चों को मार दिया गया, उनकी बेटियों के साथ क्रूरता और अत्याचार किया गया और लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। जब उनमें से कई किसी तरह बचकर भारत आने में कामयाब रहे, तो तुष्टिकरण चाहने वाली सरकारों ने उनके साथ जो व्यवहार किया, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है।'
NDA से पहले की सरकारों को आईना दिखाया
राजनाथ सिंह ने पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लिया और उनकी नीतियों को लेकर उन्हें आईना भी दिखाया। उन्होंने कहा, 'एक खास समुदाय के वोट बैंक को खुश करने के लिए उन्हें अपमानित किया गया। पड़ोसी देशों से आने वाले एक खास वर्ग के लोगों को शरण दी गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा दर्द
उन्होंने कहा, कई वर्षों तक इस हिंदू समुदाय के लोगों को, जो वास्तव में इसके हकदार थे, उन्हें वो अधिकार नहीं दिए गए जिनके वे हकदार थे। उनकी पीड़ा को सहानुभूति के साथ नहीं समझा गया। लेकिन अगर किसी ने इस दर्द को समझा, तो वो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे... इसीलिए हमने नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया'