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असम के नजरबंदी केंद्रों पर हमला कर लोगों को रिहा कराने का खुफिया अलर्ट, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

Thu, 12 Dec 2019 04:48 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 12 Dec 2019 04:48 PM IST
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citizenship amendment bill: Intelligence agencies got alert on attack on assam detention centre
AIUDF MP from Dhubri (Assam) - फोटो : ANI
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी नागरिकता (संशोधन) विधेयक पास हो गया है। पूर्वोत्तर राज्यों, खासतौर पर असम और त्रिपुरा में कुछ संगठन इस विधेयक के पास होने का विरोध कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों को यह अलर्ट मिला है कि असम में बने नजरबंदी केंद्रों पर हमला कर वहां रखे गए लोगों को रिहा कराया जा सकता है।
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मौजूदा समय में गोलपारा, कोकराझार, सिल्चर, डिब्रूगढ़, जोरहाट और तेजपुर में स्थापित किए गए नजरबंदी केंद्रों पर 970 विदेशी नागरिक घोषित हो चुके लोगों को रखा गया है। इसके लिए वहां पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। जम्मू कश्मीर से सीआरपीएफ की आठ कंपनियां बुधवार को ही असम के लिए रवाना कर दी गई थीं।

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पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति पर विचार करने के लिए गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से बातचीत की है। इसके अलावा उन्होंने उत्तर पूर्व के दूसरे राज्यों में भी कानून व्यवस्था की समीक्षा की है। गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि उत्तर पूर्व के राज्यों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जा रहे हैं। वहां सेना भी तैनात की गई है। असम में स्थिति नाजुक बनी हुई है।

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वहां की सरकार ने केंद्र को भेजे दस्तावेजों में 1,29,009 लोगों को विदेशी नागरिक घोषित कर दिया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर नजरबंदी शिविर स्थापित करने होंगे। प्रारंभिक चरण में कम से कम ऐसे 55 केंद्रों की आवश्यकता बताई गई है।


असम पुलिस के अधिकारियों ने इन नजरबंदी केंद्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की डेढ़ दर्जन कंपनियां मांगी हैं। ऐसे अलर्ट मिले हैं कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध करने की आड़ में असम और दूसरे राज्यों के उपद्रवी नजरबंदी केंद्रों पर हमला कर सकते हैं। चूंकि इन केंद्रों पर 646 पुरुषों के अलावा 324 महिलाओं को भी रखा गया है, इसलिए राज्य एवं केंद्र सरकार इनकी सुरक्षा के लिए ज्यादा चिंतित है। सुरक्षा के चलते नजरबंदी केंद्रों के आसपास वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।


सेना के जवान भी वहां पहुंच गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ सहित दूसरे केंद्रीय सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा है।असम और उत्तरपूर्व के दूसरे राज्यों में जो हालात पैदा हो रहे हैं, उन्हें देखते हुए वहां पर कम से कम 30 अतिरिक्त कंपनियां भेजी जा सकती हैं। असम सरकार ने नजरबंदी केंद्रों के हालात से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है।



सुरक्षा बलों के अधिकारियों का कहना है, इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि असम के विद्रोही ग्रुप और दूसरे तोड़फोड़ वाले संगठन नजरबंद केंद्रों को भी अपना निशाना बना सकते हैं। वहां से लोगों को बाहर निकालने के खुफिया अलर्ट भी सरकार को मिले हैं।

फिलहाल असम में बनाए गए हैं ये नजरबंदी केंद्र...

नजरबंदी केंद्र     पुरुष     महिला   कुल नजरबंद 
गोलपारा             186      15          201 
कोकराझार           09       131       140 
सिल्चर                 57       14           71  
डिब्रूगढ़                38       02           40 
जोरहाट              132       64         196 
तेजपुर                224      98          322   
कुल                   646      324        970 

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