एनआरसी-नागरिकता कानून तो मेरी लाश पर ही बंगाल में लागू होगा: ममता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनआरसी और नागरिकता कानून पर केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इन्हें उनकी लाश पर ही प. बंगाल में लागू किया जा सकता है। कोलकाता में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने भाजपा ने कुछ लोगों को पैसे देकर यहां हिंसा करवाई है। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि प. बंगाल से बाहर के कुछ लोग मुस्लिम समुदाय के दोस्त बनकर तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं।
West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee in Kolkata: If you want to dismiss my government, you can, but I will never allow Citizenship Amendment Act (CAA) in Bengal. If they want to implement CAA, they will have to do it over my dead body. https://t.co/q0wEIdUnu9
— ANI (@ANI) December 16, 2019विज्ञापन
केंद्र को दी चुनौती
नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी ) को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को कोलकाता में रैली का आयोजन किया। ममता बनर्जी ने रेली में कहा कि आप (केंद्र सरकार) मेरी सरकार को बर्खास्त करना चाहते हैं तो कर दीजिए लेकिन मैं राज्य में सीएए और एनआरसी को लागू नहीं होने दूंगी।
रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक हम अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि आप (केंद्र सरकार) मेरी सरकार को बर्खास्त करना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं, लेकिन मैं पश्चिम बंगाल में नागरिकता कानून और एनआरसी को कभी अनुमति नहीं दूंगी।
ममता ने कहा कि भाजपा चाहती है कि केवल वह यहां रहे और बाकी सभी को छोड़ दिया जाए। उनकी राजनीति इस प्रकार की है। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा। भारत सबका है। अगर सबका साथ नहीं रहेगा तो विकास कैसे होगा? बनर्जी ने कहा कि नागरिकता कानून किसके लिए है? हम सभी नागरिक हैं। क्या आपने वोट नहीं डाला? क्या आप यहाँ नहीं रहते?
दिल्ली, मध्यप्रदेश, पंजाब सहित कई राज्यों के सीएम कर रहे विरोध: ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर मैं एक समय के लिए अकेली थी। लेकिन आज दिल्ली के सीएम ने भी कह दिया है कि वह इसे (नागरिकता कानून) की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम ने भी कहा है कि वह एनआरसी की अनुमति नहीं देंगे। मैं उनसे कहती हूं कि नागरिकता संशोधन कानून को भी अनुमति न दें। बनर्जी ने कहा कि मध्यप्रदेश के सीएम, पंजाब के सीएम, छत्तीसगढ़ के सीएम, केरल के सीएम, इन सभी ने कहा। आगे और भी लोग कहेंगे।
कुछ लोग भाजपा से पैसा लेकर राज्य में कर रहे तोड़ फोड़: ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा के बीच आरोप लगाया कि कुछ लोग भाजपा से पैसे लेकर आगजनी और तोड़फोड़ के कृत्यों को अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ कुछ ट्रेनों में आग लगाई गई और केंद्र ने बंगाल के अधिकतर हिस्सों में रेल सेवाएं रोक दी।
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने शहर के बीचों-बीच स्थित रेड रोड से विरोध मार्च शुरू किया । यह मार्च उत्तरी कोलकाता में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रख्यात रचनाकार गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर के आवास, जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर जाकर समाप्त होगा। रेड रोड से यह जगह करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है।
बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक शपथ पढ़ते हुए कहा, 'हम बंगाल में एनआरसी और सीएए को कभी लागू करने नहीं देंगे।' बनर्जी ने इस बात की जानकारी पहले ही ट्विटर पर दे दी थी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर उनकी रैली में हिस्सा लें।
ममता बनर्जी असंवैधानिक एवं भड़काऊ कार्य करने से बचें: राज्यपाल
वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्णय की सोमवार को आलोचना की और कहा कि वह असंवैधानिक एवं भड़काऊ कार्य करने से बचें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य में स्थिति बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए, जहां पिछले तीन दिनों से कानून को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया है।
धनखड़ ने ट्वीट किया कि मैं बेहद दुखी हूं कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रैली का आह्वान किया है। यह असंवैधानिक है। मैं ऐसे समय में मुख्यमंत्री से असंवैधानिक एवं भड़काऊ कार्य करने से बचने और राज्य में स्थिति बेहतर करने पर ध्यान देने की अपील करता हूं।
राज्यपाल ने पहले भी बनर्जी के कानून का विरोध करने पर सवाल उठाते हुए कहा था संवैधानिक पद पर विराजमान कोई भी व्यक्ति कानून का विरोध नहीं कर सकता।
राज्य भर में तीन दिन चलेगी विरोध रैली
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री नागरिकता संशोधन कानून को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए अगले तीन दिनों तक राज्य भर में विरोध रैली करेंगी। बनर्जी ने पहले भी कई मौकों पर कहा है कि वह इसे बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। बनर्जी ने ट्विटर पर जानकारी दी थी कि दोपहर एक बजे से रैली की जाएगी।