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सीआईआई एक्जिम बैंक कॉन्क्लेव: अफ्रीका में स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में मदद करेगा भारत

Tue, 13 Jul 2021 06:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 13 Jul 2021 06:37 PM IST
सार

भारत अफ्रीका की समुद्री सुरक्षा स्वच्छ ऊर्जा व अन्य क्षेत्रों में मदद के लिए तत्पर है। विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को सीआईआई- एक्जिम बैंक कॉन्क्लेव में यह बात कही।
 

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CII Exim Bank Conclave: India to help promote clean energy technology in Africa
विदेश मंत्री एस. जयशंकर - फोटो : ANI

विस्तार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत अफ्रीका के ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव और वहां तेजी से स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के प्रति वचनबद्ध है। अफ्रीकी देशों ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस में गहरी रुचि दिखाई है। 

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भारत व अफ्रीका परियोजना साझेदारी पर 16 वीं सीआईआई-एक्जिम बैंक कॉन्क्लेव के मंगलवार को उद्घाटन सत्र में जयशंकर ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कई अफ्रीकी देश गैर परंपरागत खतरों का सामना कर रहे हैं। इसलिए भारत सुरक्षा व समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में इन देशों से सहयोग बढ़ा रहा है। 2014 में भारत द्वारा अफ्रीका के प्रति किए गए दृढ़ सहयोग के लक्ष्यों पर अमल के अच्छे नतीजे आए हैं।विदेश मंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों का जमीनी क्रियान्वयन भी दिखाई दिया है और अफ्रीका में 18 नए भारतीय दूतावास खोले गए हैं। इससे इन देशों में भारत की राजनयिक मौजूदगी बढ़ी है। 
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भारत अफ्रीकी देशों का करीबी साझेदार
जयशंकर ने कहा कि कई तटवर्ती अफ्रीकी देशों के सामने बढ़ रहे गैर परंपरागत खतरों को देखते हुए भारत समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अफ्रीका के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। विदेश मंत्री के इस बयान को चीन के पिछले कुछ सालों से प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध अफ्रीकी क्षेत्र में लगातार अपना आर्थिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश के चलते बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत प्राचीन समय से ही अफ्रीकी क्षेत्र का पारंपरिक तौर पर करीबी साझेदार रहा है। 

जयशंकर ने कहा कि अफ्रीका में सकारात्मक पहल के कारण ही भारत के साथ इस क्षेत्र के संबंधों में विश्वास का एक अनूठा स्तर दिखाई दिया है। जैसा कि हम कोरोना महामारी के प्रभाव से बाहर निकलने की राह तलाश रहे हैं, ऐसे में यह साझेदारी ज्यादा बड़ी अहमियत रखती है। यह देखते हुए कि अफ्रीका के साथ विकास साझेदारी के लिए भारत का दृष्टिकोण 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिपादित कंपाला सिद्धांतों से निर्देशित है। जयशंकर ने कहा, भारतीय गतिविधियां और पहलों को अफ्रीकी जरूरतों और वहां के लोगों की प्राथमिकताओं को पूरा करने के हिसाब से तैयार किया गया है। 

जयशंकर ने कहा, कोविड काल के बाद के हालात में अफ्रीका के प्रति भारत की सहयोगी गतिविधियों के केंद्र वाले चार प्रमुख क्षेत्र होंगे, जिनमें जन स्वास्थ्य, डिजिटल डिलीवरी, कौशल व क्षमता निर्माण और हरित अर्थव्यवस्था शामिल हैं।


साइप्रस के विदेश मंत्री के साथ फोन पर की चर्चा
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को साइप्रस के अपने समकक्ष निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ फोन पर कोविड-19 और यात्रा संबंधी विषयों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, साइप्रस के मौजूदा हालात और हालिया घटनाक्रम पर विदेश मंत्री क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच कोविड-19 के अलावा यात्रा संबंधी विषयों पर आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।"  गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में साइप्रस में ट्रोडोस पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी हिस्से में स्थित विशाल जंगलों में भीषण आग लग गई थी।

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