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बंगाल: दूसरा नोटिस देने अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचे CID के अफसर; सुकांत मजूमदार ने भी साधा TMC नेता पर निशाना
Mon, 01 Jun 2026 07:08 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 01 Jun 2026 07:08 PM IST
सार
कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए आज दूसरा नोटिस देने के लिए आज सीआईडी के अधिकारी टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने तबीयत ठीक न होने का हवाला देते हुए पेश होने के लिए 15 दिनों का समय मांगा था। पढ़िए रिपोर्ट-
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अभिषेक बनर्जी, टीएमसी महासचिव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की एक टीम सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित कालीघाट रोड वाले आवास पर पहुंची। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से सोमवार को पूछताछ किए जाने की आशंका थी। यह कुछ टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ा मामला है।
अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे तक इस मामले में पूछताछ के लिए दक्षिण कोलकाता में भवानी भवन में सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होना था। लेकिन वह पेश नहीं हुए। उन्होंने सीआईडी को ईमेल भेजकर 15 दिन का समय मांगा। उन्होंने इसके पीछे 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के बाद अपनी शारीरिक स्थिति को कारण बताया।
सीआईडी अफसर को अभिषेक बनर्जी को आज दूसरा नोटिस देने के लिए उनके घर पहुंचे हैं। उन्हें आठ जून को दोपहर 12 बजे पश्चिम बंगाल के सीआईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।
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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
इससे पहले सोमवार दोपहर को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह जांच तब शुरू हुई, जब टीएमसी के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस के कार्यालय को बताया कि विपक्ष के नेता, दो उपनेता और मुख्य सचेतक के नामों के प्रस्ताव में कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक सीआईडी की टीम कालीघाट रोड स्थित आवास के मुख्य द्वार के बाहर ही मौजूद थी और अंदर से दरवाजा बंद था। बताया जा रहा है कि निजी सुरक्षा कर्मियों ने सीआईडी टीम को सूचित किया कि दरवाजा तभी खोला जाएगा जब अभिषेक बनर्जी इसकी अनुमति देंगे।
ये भी पढ़ें: 'बदला नहीं ले रही सरकार': अभिषेक बनर्जी को CID से नोटिस पर बोले सीएम- TMC विधायकों ने ही दर्ज कराई शिकायत
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने साधा निशाना
वहीं दूसरी ओर, इस मामले को लेकर भी खूब सियासत हो रही है। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने सोमवार कहा कि अभिषेक बनर्जी ने समन से बचने की कोशिश की है लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना ही पड़ेगा।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि ऐसा प्लान बन रहा है। जब तृणमूल के कुछ नेता अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए, तो शक हुआ। आज उन्होंने समन से बचने की कोशिश की है। लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना होगा। वह कब तक इससे बच सकते हैं?
क्या हुआ था मामला?
दरअसल, टीएमसी के दो विधायकों ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष के नेता के रूप में शोवनदेब चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के लिए पारित पार्टी प्रस्ताव में उनके जाली हस्ताक्षर बनाए गए हैं।
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अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे तक इस मामले में पूछताछ के लिए दक्षिण कोलकाता में भवानी भवन में सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होना था। लेकिन वह पेश नहीं हुए। उन्होंने सीआईडी को ईमेल भेजकर 15 दिन का समय मांगा। उन्होंने इसके पीछे 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले के बाद अपनी शारीरिक स्थिति को कारण बताया।
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सीआईडी अफसर को अभिषेक बनर्जी को आज दूसरा नोटिस देने के लिए उनके घर पहुंचे हैं। उन्हें आठ जून को दोपहर 12 बजे पश्चिम बंगाल के सीआईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।
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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
इससे पहले सोमवार दोपहर को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह जांच तब शुरू हुई, जब टीएमसी के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस के कार्यालय को बताया कि विपक्ष के नेता, दो उपनेता और मुख्य सचेतक के नामों के प्रस्ताव में कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक सीआईडी की टीम कालीघाट रोड स्थित आवास के मुख्य द्वार के बाहर ही मौजूद थी और अंदर से दरवाजा बंद था। बताया जा रहा है कि निजी सुरक्षा कर्मियों ने सीआईडी टीम को सूचित किया कि दरवाजा तभी खोला जाएगा जब अभिषेक बनर्जी इसकी अनुमति देंगे।
ये भी पढ़ें: 'बदला नहीं ले रही सरकार': अभिषेक बनर्जी को CID से नोटिस पर बोले सीएम- TMC विधायकों ने ही दर्ज कराई शिकायत
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने साधा निशाना
वहीं दूसरी ओर, इस मामले को लेकर भी खूब सियासत हो रही है। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने सोमवार कहा कि अभिषेक बनर्जी ने समन से बचने की कोशिश की है लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना ही पड़ेगा।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, मैंने पहले ही कहा था कि ऐसा प्लान बन रहा है। जब तृणमूल के कुछ नेता अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए, तो शक हुआ। आज उन्होंने समन से बचने की कोशिश की है। लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना होगा। वह कब तक इससे बच सकते हैं?
Kolkata, West Bengal: Reacting to TMC MP Abhishek Banerjee has sought 15 days’ time from the CID for his appearance due to illness,Union MoS Sukanta Majumdar says, "I had said earlier that such a plan was in the works. When some Trinamool leaders were caught while allegedly… pic.twitter.com/aEPbbKL9MY
— IANS (@ians_india) June 1, 2026
क्या हुआ था मामला?
दरअसल, टीएमसी के दो विधायकों ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष के नेता के रूप में शोवनदेब चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के लिए पारित पार्टी प्रस्ताव में उनके जाली हस्ताक्षर बनाए गए हैं।