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सीआईसी का अहम फैसला: पत्नी को भरण-पोषण में पति की आय की सामान्य जानकारी का हक, गोपनीयता नहीं रोकेगी सूचना

Wed, 28 Jan 2026 07:18 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 28 Jan 2026 07:18 AM IST
सार

केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि भरण-पोषण या वैवाहिक मामलों में पत्नी को पति की आय का सामान्य विवरण दिया जाएगा। गोपनीयता के नाम पर सूचना नहीं रोकी जा सकती।

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CIC Rules Wife Entitled to Husband Income Details in Maintenance Cases; Privacy Cannot Block Information
केंद्रीय सूचना आयोग - फोटो : cic.gov.in

विस्तार

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि भरण-पोषण या वैवाहिक विवादों में पत्नी को अपने पति की आय से जुड़ी सामान्य जानकारी देने से इनकार नहीं किया जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया कि गोपनीयता का हवाला देकर सूचना नहीं रोकी जा सकती।

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सूचना आयुक्त विनोद कुमार तिवारी के आदेश में कहा गया कि अगर महिला अपने वैवाहिक संबंध और अदालत में चल रहे मेंटेनेंस या वैवाहिक मुकदमे के दस्तावेज पेश करती है, तो आयकर विभाग को पति की आय की सामान्य जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
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हालांकि, आयोग ने यह भी साफ किया कि आयकर रिटर्न (ITR) की कॉपी या अन्य निजी विवरण नहीं दिए जाएंगे। यह आदेश उस महिला से संबंधित था, जिसने आरटीआई के तहत पिछले पांच वर्षों की अपने पति की आय की जानकारी मांगी थी। महिला का आरोप था कि उसके पति ने अपनी असली कमाई छिपाकर भरण-पोषण से बचने की कोशिश की।
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आयकर विभाग ने पहले इस मांग को आरटीआई कानून की धारा 8(1)(जे) के तहत खारिज कर दिया था, यह कहकर कि यह तीसरे पक्ष की निजी जानकारी है। सीआईसी ने अपील स्वीकार करते हुए कहा कि जब कानूनी पत्नी भरण-पोषण के लिए यह जानकारी मांगती है, तो यह केवल निजी जानकारी नहीं रह जाती, बल्कि उसके जीवन-यापन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला बन जाती है।

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