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Border Tension: तवांग में तनाव के बीच बैकफुट पर ड्रैगन, हिंद महासागर क्षेत्र से बाहर निकला चीनी जासूसी पोत

Wed, 14 Dec 2022 12:33 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 14 Dec 2022 12:33 AM IST
सार

चीनी अनुसंधान पोत के हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश करने के समय से ही भारतीय नौसेना उसकी निगरानी कर रही थी। ट्रैकिंग और निगरानी उपकरणों से लैस यह पोत सुंडा जलडमरूमध्य से हिंद महासागर क्षेत्र में आया था। 
 

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Chinese research vessel Yang Wang-5 leaves Indian Ocean Region Indian Navy kept tight vigil
चीनी अनुसंधान पोत - फोटो : ANI

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय सैनिकों के हाथों मुंह की खाने के बाद चीन की नेवी को भी जोरदार झटका दिया गया है। दरअसल, कुछ दिन पहले हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश करने वाले चीनी वैज्ञानिक अनुसंधान पोत युआन वांग-5 को इस क्षेत्र से बाहर निकाल दिया गया है। नौसेना के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। 

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चीनी अनुसंधान पोत के हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश करने के समय से ही भारतीय नौसेना उसकी निगरानी कर रही थी। ट्रैकिंग और निगरानी उपकरणों से लैस यह पोत सुंडा जलडमरूमध्य से हिंद महासागर क्षेत्र में आया था। 
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भारतीय नौसेना रख रही हिंद महासागर क्षेत्र में नजर
 हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना यह सुनिश्चित करती हैं कि नौसेना इस क्षेत्र में एक व्यापक समुद्री डोमेन जागरूकता बनाए रखे। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर के सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही है, जिसमें चीनी नौसेना के जहाजों की आवाजाही भी शामिल है, जो इस क्षेत्र में काम करते हैं। उन्होंने कहा था कि सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर है। समुद्री क्षेत्र में भारत के हितों की रक्षा के लिए हम अडिग और सतर्क हैं। 
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मिसाइलों और सैटेलाइट को ट्रैक करता है चीनी पोत
युआन वांग-5 पोत को लेकर चीन दावा करता है कि यह एक शोध करने वाला पोत है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। चीन का जासूसी पोत बैलिस्टिक मिसाइल और सैटेलाइटों को ट्रैक करता है।  

चीनी सेना पीएलए करती है युआन वांग-5 का इस्तेमाल

  • चीन के इस पोत युआन वांग-5 का उपयोग चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) करती है। 
  • इस पोत पर चीनी सेना के करीब 2,000 नौसैनिक तैनात रहते हैं।
  • इस चीनी शोध पोत को जासूसी करने वाला जहाज कहा जाता है। 
  • युआन वांग-5 का उपयोग पीएलए द्वारा उपग्रहों और बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है। 


भारत ने पहले भी जताई थी चिंता
गौरतलब है कि अगस्त महीने में जब चीनी पोत ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर डेरा डाला था। तभी भारत ने श्रीलंका के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि जहाज पर लगे ट्रैकिंग सिस्टम इस तटीय क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा ढांचे की जानकारी जुटा सकते हैं। इसका इस्तेमाल चीन की सैन्य पनडुब्बियों व पोतों के लिए भी किया जा सकता है। चीन के इस पोत के कारण भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक विवाद पैदा हो गया था। भारत की आपत्तियों के बाद 22 अगस्त को चीनी पोत श्रीलंका के जलक्षेत्र से रवाना हुआ था। 



 तवांग सेक्टर में झड़प के बाद तनाव बढ़ा
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई है। इसमें भारत के छह जवान घायल बताए जा रहे हैं, जबकि चीन के 19 से ज्यादा सैनिकों को गंभीर चोटें लगी हैं। इस बीच सामने आया है कि नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर के यांग्त्से में चीनी सेना ने यह दुस्साहस दिखाया, तब भारतीय सेना की तीन रेजीमेंट ने उन्हें खदेड़ा। इस झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। 

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