कोरोनावायरस: चीन ने मदद के लिए भारत से कहा- शुक्रिया, आपने दिल छू लिया, अब हम जीतकर रहेंगे
चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने मंगलवार को कहा कि चीन को पूरा विश्वास है कि वह कोरोनावायरस जैसी भयावह महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई को जरूर जीतेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस लड़ाई में हरसंभव मदद और साथ देने के लिए अपने पड़ोसी मुल्क भारत की सराहना भी की है।
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चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन को पूरा विश्वास है कि वह कोरोनावायरस जैसी भयावह महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई को जरूर जीतेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस लड़ाई में हरसंभव मदद के लिए तत्परता दिखाने और एकजुटता जाहिर करने के लिए अपने पड़ोसी मुल्क भारत की सराहना भी की। राजदूत ने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं होनी चाहिए।
Sun Weidong, Chinese Envoy to India: At this difficult times, I am deeply touched by the kindness of the Indian friends. All these reminded me of the time when Dr Kotnis saved many lives & made great contribution to the Chinese people's liberation cause. pic.twitter.com/57Thd8ioJr
— ANI (@ANI) February 18, 2020विज्ञापन
चीन और भारत इस महामारी को लेकर आपस में करीबी संवाद बनाए हुए हैं। यह बात उन्होंने तब कही जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक पत्र भेजा था, जिसमें कोरोनावायरस के कारण हुई जनहानि पर शोक और इस महामारी से निपटने के लिए चीनी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को सराहा गया था।
चीन के राजदूत वीदोंग ने कहा कि कोरोनावायरस की चुनौती से निपटने के लिए भारत ने चीन के साथ खड़े रहने में जो तत्परता दिखाई है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारतीय मित्रों की इस दयालुता ने मेरे हृदय को गहराई तक छू लिया है। इस सबने मुझे उस समय की एक बार फिर याद दिला दी है, जब डॉ. कोटनीस ने चीन में कई लोगों की जान बचाने में अपना अमूल्य योगदान दिया।
वीदोंग ने कहा कि ताजा घटनाक्रम मुझे उस समय की भी याद दिलाता है जो साल 2003 में सार्स वायरस के प्रकोप के दौरान मैंने अनुभव किया था। उस समय मुझे भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस के नेतृत्व में शंघाई दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने का सम्मान प्राप्त हुआ था।
वायरस से भयानक हैं अफवाहें
वीदोंग से जब पूछा गया कि क्या इस बात की कोई संभावना है कि कोरोनावायरस सीफूड मार्केट के जरिए फैलने के बजाए वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से किसी दुर्घटनावश फैल गया है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस बारे में हम अब भी नहीं जानते हैं। यह वायरस प्रकृति से उत्पन्न हुआ है, मानव निर्मित नहीं है। यह जितना भयानक है उससे कहीं ज्यादा भयानक इससे जुड़ी अफवाहें हैं।
उन्होंने कहा कि चीन ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए बहु-स्तरीय नियंत्रण और रोकथाम तंत्र बनाया है। इसके तहत महामारी पर नियंत्रण के लिए 80 अरब आरएमबी (चीनी मुद्रा) आवंटित किए गए हैं। वीदोंग ने कहा कि हुबेई प्रांत के बाहर कोरोनावायरस के पुष्ट मामलों की संख्या में कमी आई है।
चीन की तुलना में पहाड़ को हिलाना आसान है: चीनी राजदूत
कोरोनावायरस के कारण चीन की अर्थव्यवस्था और विश्व पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर व्याप्त चिंताओं को दूर करते हुए चीनी राजदूत सुन वीदोंग ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन की तुलना में पहाड़ को हिलाना आसान है।
वीदोंग ने कहा कि इस महामारी के बाद आर्थिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संसाधन और नीतिगत साधन हैं। यह वायरस विश्व में सभी के लिए एक समान खतरा है और इससे निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की जरूरत है।
वीदोंग ने कहा कि इस महामारी से चीन की मजबूत अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था स्थिर है और एक पहाड़ की तरह मजबूत है। तेज हवा पेड़ों को गिरा सकती है लेकिन पहाड़ को नहीं। मैं जो कहना चाहता हूं वह यह है कि चीन की तुलना में पहाड़ को हिलाना आसान है।