बच्चों की वैक्सीन: अगले साल मार्च तक आ जाएगी सीरम की 'कोवोवैक्स', मंडाविया से मिले अदार पूनावाला
सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला ने कहा है कि उम्मीद है कि बड़ों के लिए हमारी 'कोवोवैक्स' अक्तूबर तक भारत में आ जाएगी। अदार ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की।
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सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला ने शुक्रवार को कहा कि बच्चों के लिए उनकी वैक्सीन 'कोवोवैक्स' अगले साल की पहली तिमाही तक आ जाएगी। वहीं बड़ों के लिए यह वैक्सीन अक्तूबर तक भारत में लांच हो जाएगी। पूनावाला ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पैसों की कोई कमी नहीं है। हमें मिल रही मदद के लिए हम पीएम मोदी के बहुत आभारी हैं।
अदार पूनावाला ने मंत्री मंडाविया से मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकार हमारी मदद कर रही है। कोई वित्तीय संकट नहीं है। उम्मीद है कि बड़ों के लिए हमारा कोवोवैक्स इसी साल अक्तूबर तक जा आएगा। कीमत को लेकर उन्होंने कहा कि कोवोक्स की लांचिंग के समय इसकी लागत सबको पता चल जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए वैक्सीन वर्ष 2022 के पहले तीन माहों में आ जाएगी।
Govt is supporting us. There is no financial crunch. We're very thankful to Modi Ji for their support. We’re hoping that Covovax will launch in India by October for adults. We’re always trying to increase the capacity of vaccines: SII CEO Adar Poonawalla (file pic) pic.twitter.com/ApjsaaN53u
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 6, 2021
अदार पूनावाला ने मंडाविया के साथ मुलाकात में कोविशील्ड की आपूर्ति को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि हमने वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा की। यूरोप के 17 देश कोविशील्ड को मंजूरी दे चुके हैं और स्वीकृति देने की कई तैयारी में हैं।
Union Health Minister Mansukh Mandaviya today met Serum Institute of India (SII) CEO Adar Poonawalla and held a discussion over the supply of Covishield vaccine. pic.twitter.com/Qib8eWQQd3
— ANI (@ANI) August 6, 2021
चल रहा दूसरे चरण का ट्रायल
बता दें, 28 जुलाई को केंद्रीय औषधि प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने सीरम इंस्टीट्यूट में बने 'कोवोवैक्स' टीके के दो से 17 साल तक की उम्र के बच्चों पर दूसरे चरण के ट्रायल को सशर्त मंजूरी देने की सिफारिश की है। दूसरे चरण के ट्रायल के सीरम ने संशोधित प्रोटोकाल पेश किए थे जिनमें बच्चाें को शामिल करने की पेशकश की थी। विशेषज्ञों की समिति ने इसे तरजीह देते हुए अब बच्चों पर ट्रायल की सिफारिश की है। यह ट्रायल सफल हुआ तो बच्चों के टीकाकरण की राह खुलेगी।