फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   childrens day special raped girl said She want to become an IPS Officer to get justice

आईपीएस बन लूंगी अपने साथ हुई नाइंसाफी का बदला

Fri, 10 Nov 2017 06:28 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा Updated Fri, 10 Nov 2017 06:28 PM IST
विज्ञापन
childrens day special raped girl said She want to become an IPS Officer to get justice
rape
मीना (बदला हुआ नाम)
विज्ञापन

उम्र- 13 वर्ष
मामला- मां और बेटी के साथ हाइवे पर हुआ गैंग रेप

मेरे साथ और मेरी मां के साथ बलात्कार हुआ लेकिन समाज ने हमें सपोर्ट करने की जगह हमारे साथ और भी बुरा व्यवहार किया। इतना परेशान की मुझे स्कूल तक छोड़ना पड़ा। मुझे पता है कई रेप विक्टिम लड़कियां इंसाफ के इंतजार में कोर्ट के चक्कर लगा रहीं है और पूरी जिंदगी चक्कर लगाती रहेंगी लेकिन उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा।

मैं जानती हूं कि मेरे पिता भी यूंही कोर्ट और वकीलों के चक्कर लगाते रहेंगे लेकिन इंसाफ नहीं मिलेगा। मैं पढ़ना चाहती हूं। मैं खूब पढ़ना चाहती हूं और पढ़कर आईपीएस अधिकारी बनूंगी फिर अपनी इंसाफ की लड़ाई लड़ूगीं।  
विज्ञापन


मुझे नहीं पता कि मेरी क्या गलती थी। अक्सर लड़कियों के पहनावे को लेकर बात की जाती है। दीदी,  मैंने और मां ने, हम दोनों ने पूरे कपड़े पहने थे। हम कहीं से भी भड़काऊ नहीं लग रहे थे। फिर भी हमारे फिर हमारे साथ ऐसा हुआ क्यों?
विज्ञापन
विज्ञापन

हम चिल्लाते रहे चीखते रहे लेकिन किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी

childrens day special raped girl said She want to become an IPS Officer to get justice
प्रतीकात्मक तस्वीर
वो लोग जब मेरे साथ और मां के साथ दरिंदगी कर रहे थे तो हमारी मदद को कोई नहीं आया। हम चिल्लाते रहे चीखते रहे लेकिन किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। क्या ऐसा हो सकता है कि किसी को भी हमारी चीख सुनाई न दी हो या किसी ने हमारे साथ हो रहे बलात्कार को न देखा हो।  वो सात-सात थे। हम दोनों लड़ रहे थे लेकिन कितनी देर लड़ते हम हार गए।  हम दोनों  परिवार के एक कार्यक्रम में जा रहे थे हमारे साथ ये घटना किसी सुनसान रास्ते पर नहीं बल्कि हाईवे् के करीब घटी। वो हम दोनों को घसीटते हुए ले गए थे। 

 हमारे साथ घटी घटना को मीडिया में खूब उछाला गया, मुझे स्कूल तक छोड़ना पड़ा। लेकिन पता नहीं कैसे डीएम अंकल को मुझपर दया आई और उन्होंने मेरी पढ़ाई का खर्च उठाया उन्होंने मेरा एक अच्छे स्कूल में एडमिशन करा दिया है। अब मैं बहुत पढ़ूंगी और पुलिस की बड़ी अधिकारी बनूंगी, उसके बाद अपने इंसाफ के लिए खुद लड़ूंगी और इंसाफ लेकर रहूंगी। मेरे पिता अपनी बेटी और पत्नी की इंसाफ के लिए पुलिस, कोर्ट और वकीलों के चक्कर लगा रहे हैं।  

पापा के पास आज भी नौकरी नहीं है। हमारे घर का खर्च नहीं चल पा रहा है। वो कैब ड्राइवर थे। हमारे साथ हुए बलात्कार के बाद उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। उनकी जिंदगी मुझे स्कूल से लाने और छोड़ने के साथ कोर्ट के चक्कर लगाने में ही जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed